अमर उजाला ब्यूरो
कनीना। कोसली और रेवाड़ी के अधिवक्ताओं के बाद अब कनीना के अधिवक्ताओं ने भी गैंगरेप मामले में आरोपियों की ओर से पैरवी न करने का फैसला लिया है। उक्त फैसला कनीना बार प्रधान बिजेंद्र यादव की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। साथ ही पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने पर विचार-विमर्श किया। वकीलों ने कहा कि लड़की से गैंगरेप की घटना दुखद है, इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। उन्होंने पीड़ित पक्ष को सहानुभूति प्रदान करने तथा आरोपियों की ओर से वकील के रूप में खड़ा न होने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर अधिवक्ता हरीश गाहड़ा, ओपी यादव रामबास, सुभाष शर्मा, वीरेंद्र दीक्षित, शिवचरण शर्मा, विक्रम सिंह, ईश्वर सिंह, अखिल अग्रवाल, कुलदीप यादव, सतीश ढाणा, दीपक चौधरी, सतीश करीरा, राकेश मानपुरा, विजय कुमार उपस्थित थे।