अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहरी क्षेत्र में चलने वाले ऑटो की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। शहर में वर्तमान समय में करीब 700 से 800 ऑटो चल रहे है। इनमें से अधिकतर ऑटो बिना पंजीकरण के ही दौड़ रहे है। ऑटो चालक चौराहों पर ही सवारियां बैठाते व उतारते है। इस प्रकार राहगीरों व अन्य चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहीं नहीं गांवों से आने वाले ऑटो चालक यातायात नियमों को ताक पर रखकर निर्धारित से सवारियां बैठाकर चलते है।
इससे हमेशा हादसा होने का भय बना रहता है। ऑटो खड़े करने, सवारियां बैठाने व उतारने के लिए स्थान निर्धारित करने व इनसे लगने वाले जाम की समस्या को लेकर शहर के गणमान्य लोग जिला प्रशासन से मांग कर चुके है। लोगों की मांग पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा ऑटो को खड़े करने के लिए स्थान भी निर्धारित किए थे। जिस पर ऑटो चालकों ने कुछ दिन तो अमल किया, परंतु कुछ समय बाद वहीं हाल गया है। पहले की भांति ऑटो चालक महावीर चौक पर रोककर सवारियां बैठाते व उतारते है। इसी प्रकार ऑटो चालक अस्पताल के मुख्य द्वार के बाहर खड़े होकर सवारियों बैठाते है। इससे कई बार तो एंबुलेंस का अंदर या बाहर जाने के लिए भी रास्ता नहीं मिल पाता।
बिना पंजीकरण के दौड़ रहे सैकड़ों आटो
शहर में करीब 700 से 800 आटो चल रहे है। इसमें आधे से अधिक ऑटो बिना पंजीकरण के ही दौड़ रहे है। इनके दस्तावेजों की ना तो ट्रैफिक पुलिस जांच करती है तो ना ही संबंधित विभाग। यहीं नहीं कई ऑटो चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य कागजात भी पूरे नहीं होते है।
इन स्थानों से सवारियों बैठाते हैं ऑटो
शहरी क्षेत्र में चलने वाले ऑटो नांगतिहाड़ी बस स्टैंड से चलते है। जोकि सबसे पहले लघु सचिवालय के पास, उसके बाद महेंद्रगढ़ रोड पर कर्मचारी के सामने, बस स्टैंड, महावीर चौक, नागरिक अस्पताल, गर्ल्स स्कूल व कॉलेज, महता चौक व हीरो होंडा चौक से सवारियां बैठाते व उतारते है। वाहनों व राहगीरों का आवागमन अधिक होने के कारण अक्सर जाम जैसी स्थित बन जाती है।
विशेष अभियान चलाएंगे
ऑटो चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर उनके दस्तावेजों की जांच की जाएगी। वहीं, महावीर चौक पर ऑटो चालकों को किसी भी सूरत में खड़ा नहीं होने दिया जाएगा। ऑटो के लिए महावीर चौक पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।
- सांवत राम, ट्रैफिक पुलिस प्रभारी नारनौल।