फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भ्रूण लिंग जांच मामला : दलाल को भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

विज्ञापन
विज्ञापन
भ्रूण लिंग जांच मामला : दलाल को भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
विज्ञापन

महेंद्रगढ़। भ्रूण लिंग जांच मामले में आरोपी दलाल को एक दिन के पुलिस रिमांड के बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गौरतलब है कि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस ने भ्रूण लिंग जांच करवाने वाले देवेंद्र उर्फ मिंटू को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत से एक दिन के रिमांड पर लिया था। जांच अधिकारी एएसआई अशोक कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी देवेंद्र उर्फ मिंटू ने बताया कि उसने पहली बार ही भ्रूण लिंग जांच की सौदे बाजी की थी और उसी में उलझ गया। आरोपी ने बताया कि उसके गांव का साथी निजी अस्पताल में चाय की दुकान पर काम करता है तो वह इस मामले में सेटिंग करवा सकता है। इसलिए उसने टीम के केयर टेकर के मोबाइल नंबर ले लिए थे। इसके बाद 30 दिसंबर को पांच हजार रुपये केयर टेकर से एडवांस ले लिए। जब ये पैसे खत्म हो गए तो उसने 20 हजार रुपये की और डिमांड कर दी। 3 जनवरी को उसे 20 हजार रुपये दे दिए। पुलिस ने जब आरोपी से 3300 रुपये के बारे में पूछा तो उसने बताया कि छापेमारी के दौरान हाथापाई हुई थी उस दौरान हो सकता है कि पैसे नीचे गिर गए हों।
भिवानी पीएनडीटी टीम को इनफार्मर ने भ्रूण लिंग जांच करवाने वाले एक गिरोह के बारे में सूचना दी थी। इसके बाद 3 जनवरी को सतनाली मोड़ के पास स्थित एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा था। इस पर टीम ने डिकॉय पेशेंट के माध्यम से पैसे लेकर लिंग जांच करवाने वाले दलाल देवेंद्र उर्फ मिंटू से उसके मोबाइल फोन पर संपर्क किया था। देवेंद्र ने इस कार्य के लिए 25 हजार रुपये मांगे, जिसमें से 5000 रुपये एडवांस दे दिए गए।
विज्ञापन

दलाल ने काम करवाने के लिए डिकॉय पेशेंट और उसके पति को बाकी 20 हजार रुपये की राशि लेकर सतनाली चौक महेंद्रगढ़ बुलाया। यहां दलाल ने डिकॉय पेशेंट और उनके पति बनकर आए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अतर सिंह से 20 हजार रुपये की राशि ली थी। थोड़ी देर बाद दलाल उन्हें अस्पताल में ले गया था। उसने अस्पताल के कर्मचारी राजेंद्र सिंह के पास अल्ट्रासाउंड की फीस 700 रुपये जमा करवाने के लिए 2000 रुपये का नोट देकर 1300 रुपये वापस ले लिए। इसके बाद अस्पताल में पेशेंट का अल्ट्रासांउड किया गया।
विज्ञापन

अल्ट्रासाउंड के बाद डिकॉय पेशेंट को दलाल मिंटू और उसके पति बनकर गए अतर सिंह बाहर लेकर आए। वहां दलाल ने महिला को बताया कि उसके पेट में लड़का है। इशारा पाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में छापा मारा। टीम ने दलाल देवेंद्र उर्फ मिंटू को गिरफ्तार करके उसके पास से 16000 रुपये की राशि बरामद कर ली। साथ ही फीस के रूप में अस्पताल कर्मी को दिए गए 2000 के नोट को भी बरामद कर लिया। लेकिन अस्पताल से भ्रूण लिंग जांच करने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। अस्पताल में डिकॉय पेशेंट के रिकार्ड सहित सभी कागजात पूरे मिले। टीम ने बरामद राशि को सीलबंद करके दलाल के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें