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नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग और पार्षद पति सुरेंद्र बंटी निलंबित

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक शेखर विद्यार्थी ने नगर पालिका चेयरपर्सन रीना गर्ग को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके पार्षद पति सुरेंद्र बंटी को भी पार्षद पद से निलंबित कर दिया। दोनों की सुनवाई 20 फरवरी को चंडीगढ़ में निदेशक के पास हुई थी। निदेशक ने बुुधवार को फैसला जारी करते हुए आदेश दिए हैं।
नगर पालिका के दो मनोनीत पार्षदों सहित 11 पार्षदों ने लगभग 165 पेज की प्रेजेंटेशन बनाकर उपायुक्त गरिमा मित्तल को सौंपी थी। जिनमें नपा चेयरपर्सन और उनके पार्षद पति पर चुनाव के समय नामांकन के दौरान गलत तथ्य पेश करना, बुरा व्यवहार करना, सरकारी काम में बाधा, जाति सूचक शब्द कहने, जान से मारने की धमकी सहित कई आरोप लगाए थे। यह मामले महेंद्रगढ़ थाने में दर्ज हैं। पार्षदों ने नपा चेयरपर्सन रीना गर्ग और उनके पार्षद पति सुरेंद्र बंटी को निलंबित करने की मांग की थी। उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने इसकी जांच एडीसी को दी थी। एडीसी की 15 जनवरी 2019 को डीसी को रिपोर्ट भेजी। साथ ही शहरी स्थानीय निकाय विभाग को जांच रिपोर्ट भेजी। इस रिपोर्ट के बाद 31 जनवरी को निदेशक ने नपा चेयरपर्सन और उनके पार्षद पति को नोटिस जारी किया था। नोटिस के मुताबिक सात फरवरी को उन्हें चंडीगढ़ में पेश होकर जवाब देना था। कुछ कारणों के चलते सात फरवरी की सुनवाई 12 फरवरी को तय की गई। बाद में 12 को भी सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले में 20 फरवरी को चेयरपर्सन रीना गर्ग एवं पार्षद पति सुरेंद्र बंटी ने अपने जवाब के साथ पेश हुए। बुधवार को निदेशक ने नपा चेयरपर्सन एवं पार्षद पति के खिलाफ फैसला सुनाया। दोनों को उनके पद से निलंबित कर दिया गया।
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चेयरपर्सन के खिलाफ तीन और पार्षद पति पर हैं 11 मामले दर्ज
नपा चेयरपर्सन के खिलाफ महेंद्रगढ़ थाने में तीन तथा पार्षद पति सुरेंद्र बंटी के खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं। नपा चेयरपर्सन के खिलाफ चुनावी नामांकन में तथ्य छिपाने, वाइस चेयरमैन एवं पार्षद के पति के साथ गलत व्यवहार करने तथा सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। पार्षद सुरेंद्र बंटी के खिलाफ जान से मारने की धमकी, जाति सूचक गाली देने, जान से मारने की धमकी सहित 11 मामले दर्ज हैं।

तीन पार्षदों ने की थी विरोध की शुरूआत
सात जुलाई 2016 को रीना गर्ग को नपा कार्यालय में सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया था। नपा चेयरपर्सन एक अगस्त 2016 को शपथ ग्रहण की। शुरूआत में तीन पार्षद रीना गर्ग को चेयरपर्सन बनाने का विरोध कर रहे थे। बाद में शिक्षामंत्री ने उनको मना लिया था। कुछ दिनों बाद ही पार्षदों ने चेयरपर्सन का विरोध शुरू कर दिया। तीनों पार्षद पहली मीटिंग में भी नहीं पहुुंचे। दरार कम होने की बजाय बढ़ती चली गई।

वर्जन
यह सत्य की जीत है। केवल दो लोगों की हठधर्मिता और तानाशाही के कारण पूरे नगर का विकास रुका हुआ था। नगरपालिका के कर्मचारी और अधिकारी भय के माहौल में काम कर रहे थे। अब नगर में काम शुरू होंगे। समान रूप से पूरे नगर में विकास कार्य करवाए जाएंगे।
- अमित मिश्रा, वार्ड पार्षद।

वर्जन
कुछ दिन पहले एडीसी ने रिपोर्ट भेजी थी। मेरे पास अभी तक नपा चेयरपर्सन और पार्षद पति के निलंबन की कोई सूचना नहीं है। न ही मेरे पास कोई मेल आई है। आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- डॉ. गरिमा मित्तल, उपायुक्त महेंद्रगढ़।

वर्जन
मेरे पास निलंबन के ऑर्डर नहीं आए हैं, न ही निलंबन की कोई सूचना है। निर्देश आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। अगर ऐसा कुछ हुआ तो हम न्याय मांगने के लिए अदालत जाएंगे।
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- रीना गर्ग, नपा चेयरपर्सन, महेंद्रगढ़।

वर्जन
यह फैसला राजनीतिक कारणों के चलते लिया गया है। कुछ लोग हमें शुरू से ही काम नहीं करने दे रहे। निलंबन के फैसले को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। अदालत से न्याय लेकर जनता की सेवा करेंगे।
- सुरेंद्र बंटी, पार्षद, महेंद्रगढ़।
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