अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। स्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी की टीम ने गांव रिवासा में भ्रूण लिंग जांच के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है। टीम ने मौके से एक पोर्टेबल मशीन, जैल और मोबाइल बरामद किया है। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
जिला उपायुक्त रेेेवाड़ी को सूचना मिली थी कि महेंद्रगढ़ के गांव रिवासा में भ्रूण लिंग जांच का गोरखधंधा चलता है। इसको पकड़ने के लिए जिला उपायुक्त ने एक टीम गठित की। टीम में रेवाड़ी के एसएमओ डॉ. विजय प्रकाश, डॉ. भंवर सिंह, ड्रग इंसपेक्टर हेमंत ग्रोवर, सीडीपीओ रेवाड़ी शालू यादव थे जबकि सिक्योरिटी की ओर से एसआई विद्यासागर, मनोज, दीनदयाल, लेडिज पुलिस पपीता आदि थे। पूरी टीम ने एक डिकॉय पेशेंट हायर किया और उसे 30 हजार रुपये देकर भेज दिया गया। जैसे ही डिकॉय पेशेंट महेंद्रगढ़ पहुंची तो उसे ओवर ब्रिज के पास एक बाइक सवार लेने पहुंच गया। इसके बाद उसे दो घंटे महेंद्रगढ़ में एक कार में घूमाया गया। उसके बाद वो गांव रिवासा में ओवर ब्रिज के पास एक घर में पहुंचे, जहां पर टीम ने छापेमारी कर दी। इस दौरान टीम ने आरोपी पवन निवासी छुछकवास, रामकला पत्नी स्व. सरजीत निवासी छुछकवास, सतपाल गांव खेड़ा, मकान मालकिन अंजू को हिरासत में लिया है। इसके अलावा टीम ने ललिता पत्नी जोगेंद्र निवासी मसूसपुर को गिरफ्तार किया है।
टीम ने 28 हजार रुपये की नगदी भी उनसे बरामद की है। टीम ने पहले ही नोटों की फोटोकॉपी कर रख ली थी। जब उनको मिलाया गया तो वही नोट मिले जो डिकॉय पेशेंट को देकर भेज गए थे। इसके अलावा एक पोर्टेबल मशीन, जैल और मोबाइल भी बरामद किया। टीम मशीन को शील कर अपने साथ ले गई। थाना प्रभारी रमेश कुमार के अनुसार पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
सिक्योरिटी इंचार्ज विद्यासागर ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी पवन पुत्र सरजीत निवासी छुछकवास है। आरोपी पहले किसी गांव में क्लीनिक चलाता था। तीन महीने से वह घर पर रहता था। उन्होंने बताया कि बिहार राज्य से वह 3.50 लाख रुपये की मशीन खरीद कर लाया था। इंचार्ज ने बताया कि आरोपी की मां भी इस काम में उसका साथ दे देती थी। जिस घर में यह धंधा चल रहा था उसका मालिक गांव आकोदा में क्लीनिक खोल रखी है जबकि आरोपी पवन का घर उसके बगल में हैं।
डिकॉय पेशेंट रेवाड़ी की बताई जाती है। डिकॉय पेशेंट जब महेंद्रगढ़ पहुंची तो उसने फोन पर आरोपियों को सूचना दे दी थी। रिवासा ओवरब्रिज के पास एक बाइक को भेजा गया। इस पर बैठकर उसे पहले रेवाड़ी की ओर कुछ दूरी पर ले गए वहां से बाइक से उतार कर एक सफेद वैगनऑर कार में बैठा दिया। कार को लगभग दो घंटे इधर से उधर घूमाया और लगभग 2.30 बजे उसे मौके पर ले जाया गया। पैसे देने के बाद जब आरोपियों ने जांच शुरू की तभी टीम ने रेड मार दी।
टीम ने कुल 4 लाख 52 हजार रुपये का सामान बरामद किया है। मौके से 28 हजार रुपये आरोपी पवन से, 13 हजार रुपये सतपाल से बरामद किए। इसके अलावा तीन मोबाइल भी बरामद किए हैं। पुलिस ने वैगनआर गाड़ी और एक बाइक को भी कब्जे में लिया है।