गुरु का बदला लेने के लिए की हत्याएं
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। विक्रम उर्फ पप्पला एवं रवींद्र उर्फ झूथ्थर अपने गुरु शक्ति सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए एक के बाद एक चार हत्या की दी। दोनों ही साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। विक्रम खेतीबाड़ी का कार्य करता था जबकि वीरेंद्र पॉलीटेक्निक की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। इसके बाद दोनों शक्ति सिंह पहलवान के साथ जुड़ गए थे। दोनों ही शक्ति सिंह को अपना गुरु मानते थे। 4 फरवरी 2014 को चौबारे में सो रहे शक्ति सिंह की चार पांच युवकों ने मिलकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने चीकू, संदीप फौजी, महेश, राजू उर्फ काना पर हत्या का मुकद्दमा दर्ज किया था। संदीप फौजी और महेश मामा भांजे थे। संदीप एवं महेश की हत्या की जा चुकी है जबकि चीकू एवं राजू जेल में बंद हैं। शक्ति सिंह की मौत के बाद संदीप फौजी की मां बिमला के साथ वीरेंद्र एवं विक्रम के परिवार के साथ मारपीट हो गई थी।
शक्ति सिंह और संदीप फौजी दोस्त से बने थे दुश्मन
शक्ति सिंह पहलवान गांव खैरोली का जाना माना पहलवान था। उसने मेले में कई बड़ी कुश्तियां जीती थीं। जबकि संदीप फौजी गांव खैरोली का निवासी था और वह देश सेवा में लगा हुआ था। फौजी एवं शक्ति सिंह दोनों की पहले अच्छी दोस्ती थी। किंतु किसी उत्सव पर दोनों की आपस में बिगड़ गई। उसके बाद शक्ति सिंह एवं संदीप फौजी एक दूसरे के कट्टर दुश्मन हो गए थे। 4 फरवरी 2014 को संदीप फौजी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। उसके बाद वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर एवं विक्रम उर्फ पप्पला ने संदीप फौजी, मामा महेश, मां और नाना की एक के बाद एक कर हत्या कर दी।
पौने दो वर्ष में हुई थी पांच हत्याएं
4 फरवरी 2014 से 15 नवंबर 2015 तक आपसी रंजिश की वजह से पांच हत्या हुई। 4 फरवरी 2014 को शक्ति सिंह की संदीप फौजी ने हत्या कर दी थी। इसके बाद वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर एवं विक्रम उर्फ पप्पला दोनों ने मिलकर ने संदीप फौजी के परिवार की एक के बाद एक चार हत्या कर दी। दोनों ने मिलकर 31 मार्च 2014 को संदीप फौजी के मामा महेश निवासी बिहारीपुर नांगल चौधरी की हत्या कर दी। 23 दिसंबर को संदीप फौजी की, 20 अगस्त 2015 को संदीप की मां बिमला और 15 नवंबर 2015 को संदीप के नाना श्रीराम की हत्या कर दी थी।