अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। रेवाड़ी-सादुलपुर रेलमार्ग पर गांव मंढियाली फाटक के पास मंगलवार सुबह दिल्ली भगत की कोठी एक्सप्रेस गाड़ी की चपेट में आने से तीन गोवंश की मौत हो गई। जबकि दो गोवंश घायल हो गए। हादसे की जानकारी मिलने ही लोग वहां पहुंचे और मृत गोवंशों को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर उन्हें दबाया गया। सभी गायें समताईंनाथ गोशाला की थी।
गोशाला सचिव सुरेश कुमार उर्फ हरिओम खेड़िया ने बताया कि नांवा की बाबा समताई नाथ गोशाला के चरवाहे गोशाला की गायों को चराने के लिए पहाड़ियों में ले जाते है। उन्होंने बताया कि मंगलवार जब गायों का झुंड जंगलों में चर रहा था कि रेवाड़ी की ओर से सादुलपुर जा रही सालासर एक्सप्रैस ( भगत की कोठी एक्सप्रैस) ट्रेन की आवाज सुनकर गाोवंशों में भगदड़ मच गई, जिससे लगभग आधा दर्जन गोवंश ट्रेन की चपेट में आ गई। उन्होंने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से 3 गायों की मौत हो गई। जबकि दो गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि घायल गोवंशों को नांवा की गोशाला में पहुंचाया गया जहां पर चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज करवाया जाएगा जबकि लोगों के सहयोग से मृत गोवंश को जेसीबी की सहायता से गड्ढा खुदवाकर उन्हें दबाया गया।
दो सप्ताह पूर्व गोशाला में छोड़े थे 100 लावारिस गोवंश
गोशाला सचिव हरिओम खेड़िया ने बताया कि लावारिस गायों को गोशालाओं में छोड़ने के लिए ग्रामवासी जिला उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल से मिले थे और उन्हें अनुमति मिल गई थी। दो सप्ताह पूर्व ही लगभग 100 गोवंश गोशाला में छोड़े गए थे। वर्तमान में नांवा गोशाला में लगभग 800 गोवंश हैं।