अमर उजाला ब्यूरो
कनीना। गांव सेहलंग वासी सतपाल ने पंचायत की ओर से गांव में करवाए गए विकास कार्यों की सूचना सरपंच से मांगी थी। सरपंच की ओर से समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करवाए जाने पर राज्य सूचना आयोग में दायर की। शिकायत पर सुनवाई करते हुए स्टेट इंफोर्मेशन कमिश्नर सुखबीर गुलिया ने सरपंच विजयपाल पर 15 हजार और ग्राम सचिव अमित कुमार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उपायुक्त कार्यालय नारनौल में 20 दिसंबर को हुई मामले की सुनवाई के बाद आयुक्त की ओर से ये फैसला सुनाया गया है।
फैसले में कहा गया कि समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करवाने पर 26 अक्टूबर को सरपंच और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उसके बाद भी सूचना नहीं दिए जाने और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राज्य सूचना आयुक्त सुखबीर गुलिया की ओर से आरटीआई एक्ट 2005 की धारा 20-1,20-2 अरैै 7-1 के तहत सरपंच विजयपाल, ग्राम सचिव अमित कुमार को दोषी मानते हुए जुर्माना फ्रेम किया है।
बता दें इससे पूर्व भी सीएम विंडो पर लगी शिकायत पर सुनवाई करते हुए पंचायती राज विभाग के एसडीओ द्वारा की जांच में सरपंच को लाखों रुपये की सरकारी राशि में गबन का दोषी बता रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई थी। गांव के ही वीरेंद्र सिंह ने अधिकारियों को शिकायत भेजकर सोलर लाइट खरीद, डस्टबिन खरीद, नाले पर लगाए गए लोहे के जाल, पाईप लाईन बिछाने, सीमेंट, रोड़ी की बेंच लगवाने, प्रमुख मार्गों में लगाए गए स्वागत गेट में लाखों रुपये के घपले के आरोप लगाकर जांच करवाकर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
एसडीओ पंचायती राज दिवाकर रॉय की ओर से गांव में जाकर बीते समय जांच की गई थी। जांच में सरपंच विजयपाल की ओर से सरकारी राशि का दुरुपयोग करना पाया गया था। एसडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में 12 लाख से अधिक का गबन दर्शाया था। जिसे जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी और पंचायत राज विभाग के जेई नारनौल, बीडीपीओ कनीना को बीते सितंबर में भेजी गई थी। एसडीओ दिवाकर रॉय ने बताया कि डीडीपीओ नारनौल के आदेश में जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट उनके पास भेजी जा चुकी है।