अमर उजाला ब्यूरो
कनीना। छात्रा से गैंगरेप करने के आरोपियों की वीरवार को एसडीजेएम कनीना कोर्ट में सुनवाई हुई। एसडीजेएम की अदालत ने केस को जिला एवं सत्र न्यायाधीश नारनौल की अदालत में ट्रांसफर कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 अक्तूबर को नारनौल कोर्ट में होगी।
पुलिस ने मामले के आरोपियों निशु, पंकज फौजी, मनीष, दीनदयाल, डॉ. संजीव, निक्कू उर्फ नवीन, अभिषेक महेंद्रगढ़ और मंजीत नूहनिया को वीरवार को व्यक्तिगत रूप से पेश किया गया। इस मामले में पुलिस ने तीन दिन पूर्व ही कोर्ट में 594 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में गैंगरेप में आठ आरोपियों सहित 38 गवाहों को शामिल किया गया है।
बता दें कि एसआईटी की ओर से आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया था। जिनमें तीन आरोपियों निक्कू उर्फ नवीन, अभिषेक महेंद्रगढ़ और मंजीत नूहनिया को जमानत मिल चुकी है। आरोपियों की सुनवाई के बाद यह केस जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राकेश लांबा ने कहा कि पुलिस ने मामले की सही तरीके से जांच नहीं की। इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद न 100 नंबर पर और न ही महिला हेल्पलाइन पर कोई फोन किया गया।
क्यों ट्रांसफर हुआ केस
अधिवक्ता ओपी यादव ने बताया कि मर्डर, रेप सहित अन्य मामलों में एसडीजेएम कोर्ट चालान पेश होने तक हाजिरी लगवा सकती है। चालान पेश होने के बाद ऐसे मामले सेशन कोर्ट में ट्रांसफर हो जाते हैं। इस कारण गैंगरेप मामले को नारनौल जिला एवं सत्र न्यायालय में ट्रांसफर किया गया है।