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चार घंटे में कबूल किया बच्चे की हत्या,अब बार-बार बयान बदलने मौत की गुत्थी उलझाई --------

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। नांगल चौधरी के गांव भुंगारका में कक्षा चार के बच्चे की हत्या के मामले में आरोपी बयान बदलकर पुलिस को उलझाता रहा। पूछताछ में बताया कि उसके साथ दो अन्य गांव के बच्चे भी थे। लेकिन थोड़ी देर बाद पूछताछ में आरोपी बच्चों के साथ हत्या करने की बात से पलट गया। कभी परिजनों के अपमान का बदला लेने की बात करता है तो कभी दूसरी कहानी बता देता है। रविवार को नांगल चौधरी थाना पुलिस व सीआईए ने भी पूछताछ की लेकिन आरोपी एक बयान पर नहीं टिक रहा है। ऐसे में पुलिस हत्या की कड़ियों को जोड़ नहीं पा रही है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में एक बात तय हो गई है कि आरोपी ने बच्चे के मारने की साजिश पहले से रच रखी थी। आरोपी हर्ष को अकेला पाकर सुनसान जगह पर ले गया जहां पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। दूसरी ओर आरोपी ने बच्चे की हत्या की बात चार घंटे में कबूली। पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र जो भी हो लेकिन मानसिक रुप से पूरी तरह से वयस्क लग रहा है। गांव वालों के अनुसार संतप्रकाश व आरोपी पड़ोसी अभय सिंह एक ही परिवार के हैं। दोनों के परिवार तीन दिन पहले बाजरा काटने गए थे। वहां पर हर्ष की मां और दादी से अभय सिंह से विवाद हो गया था। अभय सिंह ने अंजाम भुगतने की बात कही थी। आरोपी पहले स्कूल व दुकान से सामान चोरी कर चुका है।
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सहायक थाना इंचार्ज जगदीश जाखड़ ने बताया कि आरोपी हर्ष की हत्या के आरोप में हिरासत में लिया गया है। जुर्म को स्वीकार कर लिया व मौके पर जाकर शव बरामद कराया है। अभय सिंह को भी हिरासत में लिया गया है।

बच्चे को शौच के बहाने ले गया आरोपी और कर दी हत्या
शनिवार की शाम करीब साढे पांच बजे हर्ष दूध लेने के लिए गांव में गया था। पीछे आरोपी आया और हर्ष को शौच के बहाने बालाजी की बणी में जोहड़ के पास ले गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने वहीं पर बच्चे की हत्या की। इसके बाद घर आया और खून से सने कपड़ों को उतारकर दूसरे कपड़े पहन लिए जिससे लोगों को शक ना हो।
बच्चे को रातभर ढूंढते रहे ग्रामीण
बच्चे के गायब होने से पूरे गांव के लोग इकठ्ठा हो गए। सरपंच देवेंद्र ने बताया कि करीब 40-50 बाइक से लोग शाम सात बजे से बच्चे को खोजने लगे लेकिन कोई पता नहीं चला। जिस जगह से बच्चे का शव मिला है वहां पर लोग तीन बार गए लेकिन शव नहीं देखा। आरोपी ने शव को गड्ढे में छिपा रखा था।
बच्चे के साथ बर्बरता की हदें पार की
पुलिस के अनुसार आरोपी ने बच्चे को पकड़ कर पहले धारदार हथियार से गला रेता। पेट और अन्य अंगों पर भी धारदार हथियार से वार किया। बच्चे के सिर पर कई बार इंटरलॉकिंग टाइल से मारा। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के बोर्ड के अनुसार दस साल के बच्चे के साथ ऐसी बर्बता की गई। पूरे शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। बच्चे के साथ गलत काम होने की घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए एफएसएल जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं।
हर्ष दूध लेकर वापस नहीं लौटा तो परिजनों को सताने लगी चिंता
बता दें कि शनिवार शाम 5:30 बजे बच्चा दूध लेने गया था। जब वह शाम सात बजे तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता सताने लगी। इसको लेकर परिजनों ने रात 11 बजे पुलिस को शिकायत दी। शक होने पर पुलिस ने पड़ोस के आरोपी युवक को पकड़ा और उससे पूछताछ की जिसमें आरोपी ने हत्या की वारदात कबूली और रात तीन बजे बच्चे के शव को बरामद कराया।
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इकलौता बेटा था हर्ष, बूझा घर का चिराग
10 वर्षीय हर्ष संतप्रकाश का इकलौता बेटा था। बेटे की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। अपने आंखों के तारे का शव देख मां कई बार बेहोश हो गई। गांव वालों ने बताया कि बच्चा पढ़ने में मेधावी था। किसी को पता नहीं था कि आरोपी ऐसा कर सकता है। आरोपी पश्चिमी बंगाल से अपनी मां के साथ करीब चार साल पहले आया था। आरोपी ने हर्ष की हत्या कर परिवार को गहरा जख्म दे दिया है। संतप्रकाश को एक बेटी व एक बेटा था।
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