अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। राजस्थान व जिला पुलिस के लिए सिर दर्द बने कुख्यात अपराधी रंगलाल पुत्र दाताराम निवासी नया गांव को सीआईए पुलिस ने बुधवार रात को उसे गांव से ही गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने आरोपी के पास एक रिवाल्वर, देशी कट्टा, एक छोटा डोगा तथा 7 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने वीरवार को आरोपी को नारनौल न्यायालय में पेश किया। जहां न्यायालय ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर नसीबपुर जेल भेज दिया।
सीआईए इंचार्ज धर्म सिंह ने बताया कि आरोपी रंगलाल राजस्थान पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी वीरेंद्र गोठड़ी का साथी है। जिसके खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश के कई मामले दर्ज है। आरोपी रंग लाल ने करीब डेढ़ वर्ष पहले मुखा निवासी नया गांव की अपने साथ डूमोली राजस्थान निवासी वीरेंद्र गोठड़ी के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद नया गांव में ही मुखा के भाई रामनिवास पर गोली चलाकर हत्या करने का प्रयास किया था। जिसके बाद से रंगलाल फरार चल रहा था। इसके खिलाफ थाना नांगल चौधरी में हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज था। उक्त आरोपी की पुलिस पिछले डेढ़ वर्ष से तलाश कर रही थी। कई बार आरोपी के मकान पर भी छापामारी की गई, लेकिन आरोपी नहीं पकड़ा जा सका। बुधवार सायं को भी सीआईए पुलिस को सूचना मिली की आरोपी अपने मकान पर ही है। जिस पर सीआईए टीम तुरंत आरोपी के मकान पर पहुंची और मकान की घेराबंदी की। तलाशी के दौरान आरोपी पुलिस से बचकर गांव से बाहर भागने लगा। जिसे पुलिस ने देख लिया और पुलिस ने उसका पीछा करते हुए पकड़ लिया। जिसके पास से पुलिस को एक देशी कट्टा, रिवॉलवर, डोगा और 7 कारतूस बरामद हुए।
मकान के अंदर बनाया था तहखाना
पुलिस द्वारा पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि वह सप्ताह में 3 बार घर आता था। उसने मकान के अंदर ही तहखाना बनाया हुआ है। जब भी पुलिस उसे पकड़ने के लिए आती तो वह उस तहखाने में छुप जाता था और तहखाने के रास्ते के आगे बेड को लगा देता था। ताकि कोई इस तहखाने को देख न सके। इस प्रकार वह हर बार पुलिस बच जाता था।
आरोपी के खिलाफ राजस्थान में भी कई मामले दर्ज
आरोपी रंगलाल राजस्थान पुलिस का भी मोस्ट वांटेड अपराधी हैं। जिस पर राजस्थान में भी अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज है। सीआईए इंचार्ज धर्म सिंह ने बताया कि सरपंची के चुनाव को लेकर रंगलाल की मुखा व उसके परिवार से दुश्मनी हुई थी। इसी रंजिश के कारण रंगलाल ने मुखा की हत्या की थी और उसके भाई को मारने का प्रयास किया था। सीआईए टीम उक्त आरोपी के पीछे करीब एक वर्ष से लगी हुई थी।