फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

असंतुलित होकर पलटी स्कूल बस, चार बच्चे और दो अध्यापिका घायल, परिजनों ने चालक पर लगाया लापरवाही और शराब पीकर बस चलाने का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़।
सरस्वती विद्या मंदिर बाघोत की बच्चों से भरी बस असंतुलित होकर बाघोत नहर के आगे खेत में जा गिरी। हादसे में चार बच्चों और दो अध्यापिकाओं को चोट आई है। इनमें से तीन बच्चों और दो अध्यापिकाओं को प्राथमिक उपचार के बाद स्थानीय चिकित्सकों ने हायर सेंटर में रेफर कर दिया। बच्चों के परिजनों ने बस चालक पर लापरवाही एवं शराब पीकर बस चलाने का आरोप लगाया है। वहीं, बच्चों का आरोप है कि उन्होंने ड्राइवर अंकल को बार-बार कहा था कि अंकल या तो गाड़ी रोक लो या धीरे चलाओ। किंतु ड्राइवर अंकल ने उनकी एक नहीं सुनी और बस असंतुलित हो खेत में जा गिरी। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया।
स्कूल की छुट्टी होने के बाद बस बच्चों को सेहलंग की ओर लेकर जा रही थी। घायल बच्चों के अनुसार बस में लगभग 20-25 विद्यार्थी बैठे थे। ड्राइवर बस बहुत तेज चला रहा था। ड्राइवर को अध्यापक एवं बच्चों ने धीरे चलाने के लिए बोला, किंतु ड्राइवर उसी रफ्तार से बस चलाता रहा। बाघोत नहर से आगे बस का अचानक संतुलन बिगड़ गया और बस खेत में जा गिरी।
विज्ञापन

ये हुए घायल
हादसे में कक्षा तीसरी की छात्रा तन्नु, शिवानी (छठी), सोनिका (8वीं), छात्र गजेंद्र, अध्यापिका कांता, मुनेश को चोट आई हैं। इन सभी को सेहलंग अस्पताल भर्ती करवाया। जहां से उन्होंने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। छात्रा तन्नु एवं दोनों अध्यापिकाओं को रेवाड़ी ले जाया गया। जबकि शिवानी, सोनिका एवं गजेंद्र को महेंद्रगढ़ लाया गया। जहां से शिवानी एवं सोनिका को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इस मामले को लेकर स्कूल की प्रधानाचार्य से संपर्क करना चाहा किंतु उन्होंने फोन नहीं उठाया।
चालक रोजाना तेज गति से चलाता था बस
घायल सोनिका ने बताया कि वह आठवीं कक्षा की छात्रा है। ड्राइवर प्रतिदिन गाड़ी तेज चलाता है। जब हम उसको धीरे चलाने के लिए बोलते थे तो ड्राइवर अंकल धमकाकर चुप करवा देता था। छात्रा ने बताया कि दस दिन पहले भी गाड़ी के ब्रेक खराब हो गए थे। तब उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया था वो तीन दिन तक स्कूल में नहीं गई। बाद में प्रधानाचार्य मैडम का फोन आया कि बस को ठीक करवा दिया है। उसके बाद हम फिर से स्कूल बस में आने लगे।
नहीं हो रही स्कूल बसों की चेकिंग
प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों के सुरक्षा मापदंड तय किए हुए हैं। इसके लिए उप मंडल स्तर की कमेटी का भी गठन किया गया है। जिले में लगभग एक हजार निजी स्कूलों की बसें दौड़ रही हैं, जिनमें कई बसों का रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद भी चलाई जा रही है। कई स्कूली बसों के ड्राइवरों के पास लाइसेंस भी नहीं हैं। संबंधित विभाग को इस बारे जानकारी होने के बाद भी बसों को चेक नहीं करता।

वर्जन:
इस हादसे की जानकारी नहीं हैं। गत दिनों आरटीए विभाग ने स्कूली बसों की चेकिंग का अभियान चलाया था। इस बारे में कनीना एसडीएम को मामले की जांच करने के निर्देश दिए जाएंगे।
विज्ञापन

- डॉ. गरिमा मित्तल, डीसी, महेंद्रगढ़।

वर्जन
सरस्वती विद्या मंदिर बस का हादसे की सूचना मिली थी। तुरंत पुलिस कर्मचारी मौके पर भेज दिए थे, किंतु अभी तक उनके पास घायलों के बयान नहीं आए हैं। जब तक बयान नहीं आ जाते। तब तक आगे कार्रवाई नहीं की जा सकती।
- रमेश कुमार, थाना प्रभारी कनीना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें