महेंद्रगढ़। शहर में एक करोड़ रुपये तक के विकास कार्य कराने के लिए वित्तीय कमेटी बनाने के लिए हुई बैठक बेनतीजा रही। नौ माह से शहर के विकास की बाट जोह रहे शहरवासियों की उम्मीदों पर पार्षदों की आपसी खींचतान एक बार फिर से हावी होने लगी है। इससे पूर्व का पांच वर्ष का कार्यकाल भी पार्षदों व प्रधान की आपसी खींचतान की भेंट चढ़ गया था और शहर में विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं लग पाई थी। इस बार भी स्थिति कुछ ऐसी ही बनती नजर आ रही है।
नपा प्रधान एवं सचिव द्वारा एक सप्ताह पूर्व वित्तीय कमेटी बनाने के लिए बुधवार का समय निर्धारित कर सभी पार्षदों को लिखित सूचना दी गई थी। बुधवार दोपहर को 2 बजे वित्तीय कमेटी बनाने के लिए बैठक शुरू की गई। प्रधान रमेश सैनी, उप प्रधान मंजु कौशिक सहित 14 पार्षदों बैठक में पहुंचे लेकिन कमेटी में शामिल होने की ऐसी होड़ मची की कुल सात पार्षदों ने वित्तीय कमेटी में शामिल होने की इच्छा जता दी। इसके बाद उप प्रधान सहित पार्षदों का एक धड़ा वोटिंग के माध्यम से कमेटी के गठन की मांग को लेकर अड़ गया। वहीं दूसरी ओर नपा प्रधान व उसके खेमे के पार्षदों ने हाथ खड़े करके उसी समय कमेटी के गठन का समर्थन किया।
इन पार्षदों ने जताई कमेटी में शामिल होने की इच्छा
बैठक के दौरान देवेंद्र सैनी, विष्णु वाल्मीकि, रजनेश कुमारी, राजेश सैनी, भतेरी देवी, ममता सोनी, सुखबीर यादव ने वित्तीय कमेटी में शामिल होने के लिए दावेदारी जताई। बता दें कि इस कमेटी में डीएमसी, प्रधान, उप प्रधान, सचिव व दो पार्षदों को शामिल किया जाना है। इसमें से डीएमसी, प्रधान व उप प्रधान के साथ-साथ सचिव पहले से ही कमेटी में नियमानुसार शामिल हैं। ऐसे में केवल दो पार्षदों को शामिल किया जाना है लेकिन बुधवार की बैठक भी बेनतीजा रही।
अब शहर के विकास कार्यों के लिए करना होगा इंतजार
बता दें कि प्रदेश सरकार द्वारा मार्च माह में प्रदेशभर की नगरपालिका परिषदों में वित्तीय कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया था। यह कमेटी शहर में एक करोड़ रुपये तक के विकास कार्य अपने स्तर पर करा सकती थी। शहर की सरकार के पास यह अवसर था कि एक करोड़ तक के कोई भी विकास कार्य कराने के लिए कमेटी स्वीकृति प्रदान कर सकती थी।
पिछले पांच साल भी चढ़े थे आपसी खींचतान की भेंट
बता दें कि पिछले पांच वर्ष का नपा का कार्यकाल भी पार्षदों व प्रधान की आपसी खींचतान की भेंट चढ़ गया था। इस योजना के दौरान शहर में विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं लग पाई थी। अब शहर की वर्तमान सरकार भी दो धड़ों पर बंटती दिखाई दे रही है। ऐसा लगता है कि प्रधान व उप प्रधान के समर्थक पार्षद दो धड़ों में बंट चुके हैं और आपसी खींचतान के आगे शहर का विकास गौण हो रहा है।
वित्तीय कमेटी बनाने के लिए एक सप्ताह पूर्व सभी पार्षदों को लिखित में सूचना भेजी गई थी। तय समय पर सभी पार्षद उपस्थित हुए थे। काफी प्रयासों के बावजूद भी कुछ पार्षद मतदान के माध्यम से वित्तीय कमेटी के गठन पर अड़े रहे। कमेटी का सर्व सम्मति से गठन नहीं होने के कारण बैठक की कार्रवाई की रिपोर्ट डीएमसी को भेज दी है। अब डीएमसी ही आगामी बैठक व कमेटी बनाने का निर्णय लेंगे। डीएमसी के आदेशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-रमेश सैनी, प्रधान, नगरपालिका, महेंद्रगढ़।