शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर प्राचीन एवं प्रसिद्व ढोसी धाम च्यवन ऋषि की तपोभूमि पर सोमावती अमावस्या के दिन 20 जुलाई को मेला नहीं लगेगा। कोरोना वायरस को देखते हुए यह निर्णय लिया। प्राचीन एवं प्रसिद्व ढोसी धाम च्यवन ऋषि की तपोभूमि है। यहां सोमावती अमावस्या पर सैकड़ों वर्षाें से मेले का आयोजन होता है। जिसमें स्थानीय श्रद्धालु ही नहीं सीकर, कोटपूतली, रोहतक, रेवाडी व अलवर तक के धाम में आस्था रखने वाले लोग एक दिन पहले से ही आना शुरू हो जाते है। ढोसी धाम पर निर्मित चंद्रकूप कुंड व शिवकुंड में स्नान आदि करके भजन कीर्तन करते है। लेकिन, इस बार करोना महामारी के कारण घर पर ही रहना पड़ेगा।