फोटो संख्या:52- स्वास्थ्य केंद्र मालड़ा बास में टीबी के प्रति जागरूक करते पवन कुमार-स्रोत-- स्व
महेंद्रगढ़। स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मालड़ा बास में शनिवार को टीबी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र प्रभारी डॉ. पिंकी जांगडा ने की। स्वास्थ्य विभाग से दंत चिकित्सक डाॅ. अमीश गोदारा, टीबी यूनिट कनीना से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पवन कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक रणबीर सिंह, स्वास्थ्यकर्मी कर्मवीर और गीता कुमारी एएनएम ने लोगों को जागरूक किया।
पवन कुमार ने कहा की टीबी जानलेवा बीमारी है जो की बहुत ही संक्रामक है। यह शरीर के किसी भी अंग जैसे फेफड़े, हड्डी, त्वचा आदि पर हो सकती है। दो सप्ताह से अधिक खांसी होना, वजन का लगातार कम होना, भूख न लगना शाम के समय बुखार आना व हड्डी में दर्द होना आदि लक्षण होने पर टीबी की जांच अवश्य करवानी चाहिए। उन्होंने टीबी के इलाज और रोकथाम व नियंत्रण के तरीकों पर भी विस्तार से जानकारी दी। पोषण योजना के तहत सरकार मरीज को हर महीने पांच सौ रुपये खान -पान के लिए भी देती है तथा जो भी व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता या आशा कार्यकर्ता टीबी के मरीज की सूचना देते है उनको भी सरकार पांच सौ रुपये ईनाम के रूप में देती है। उन्होंने समाज के स्मृद्ध लोगों से टीबी के मरीज गोद लेने की भी अपील की ताकी गरीब मरीजों को पौष्टिक खाना मिल सके। भारत को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए इस अभियान में आमजन का सहयोग जरूरी है।
इस अवसर पर नर्सिंग ऑफिसर रेणु कुमारी, रणबीर सिंह एमपीएचएस, कर्मवीर , गीता कुमारी , महिपाल, सरोज, सरिता, नगीना आदि उपस्थित रहे।