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सब्जी के रेट पर नहीं लग रहा अकुंश,13 दुकानदारों को दिया नोटिस

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नारनौल। लॉकडाउन में दुकानदार में मनमाने रेट पर सब्जी बेच रहे हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि सब्जी का रेट रोजाना तय होना चाहिए। सुबह और शाम तक सब्जी के रेट बदल जाते हैं। शिकायत पर मार्केट कमेटी ने 13 दुकानदारों को नोटिस भेजकर जवाब भी मांगा है। बता दें कि नारनौल सब्जी मंडी लॉकडाउन से पहले आजाद चौक पर लगती थी। कोरोना संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग के चलते मंडी में जगह कम होने के कारण लोगों की भीड़ लग जाती थी। इसे लेकर प्रशासन ने नारनौल सब्जी मंडी की जगह बदलकर नांगल चौधरी रोड स्थित अनाज मंडी में अस्थाई सब्जी मंडी लगा दी। लेकिन,यहां पर रोजाना थोक या खुदरा रेट को लेकर ग्राहकों को जानकारी नहीं होती है। ऐेसे में कई बार  दुकानदार मनमानी दाम वसूल लेते हैं। सब्जी मंडी में सब्जी मंडी का रेट कुछ होता है जबकि शहर में रेहडी व रिटेल की दुकानों पर कुछ भाव होता है। रेवाड़ी रोड बस स्टेंड, रेस्ट हाउस, महावीर चौक, महेंद्रगढ़ रोड व सिंघाना रोड पर सब्जी की दुकानें है। जिनमें किसी भी दुकान व रेहडी चालकों ने रेट लिस्ट नहीं लगाई हुई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन व मार्केट कमेटी के अधिकारियों को दुकानों पर रेट लिस्ट लगवानी चाहिए। जिससे लोगों को लॉकडाउन के अंदर महंगाई की मार न झेलनी पड़ी। -13 सब्जी के दुकानदारों को भेजा नोटिस नारनौल मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी ने बताया कि निर्धारित सब्जी के रेट से ज्यादा भाव में बचने की शिकायत मिलने पर मार्केट कमेटी के सुपरवाईजर ने 13 दुकानदारों को नोटिस भेजा है। बुधवार को भी एक शिकायत मिली थी जिस पर दुकानदार को नोटिस भेजा गया है। मार्केट कमेटी के कर्मचारी ग्राहक बनकर दुकानों पर जा रहे है। सब्जी मंडी से ज्यादा रेट में सब्जी बेचते पाया गया था उसकी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह भी सब्जीमंडी में रेट चेेक करते रहते हैं। यदि प्रशासन से कोई निर्देश मिलेगा तो रेट लिस्ट लगाने पर भी विचार होगा। वैसे कमेटी अपने स्तर पर रेट पर नजर हुए हैं। -- 
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