नारनौल। जिले में पेयजल कनेक्शन को परिवार पहचान पत्र(पीपीपी) से लिंक करवाने में उपभोक्ता रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसके लिए विभाग की तरफ से लोगाें के घर भी दस्तक दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ता सहयोग नहीं कर रहे हैं। वहीं बीते दिन तो नारनौल में एक उपभोक्ता के घर पहुंचे कर्मियों के साथ परिवार पहचान पत्र मांगने पर झगड़ा हो गया। ऐसे में जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से अब तक जिले में 52.23 प्रतिशत उपभोक्ताओं का पेयजल कनेक्शन लिंक नहीं हो सका है।
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई उपभोक्ता परिवार पहचान पत्र से अपना पेयजल कनेक्शन लिंक नहीं करवाता है तो विभाग की तरफ से आगामी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद विभाग की तरफ से कार्रवाई नही की जा रही है। सरकार अब परिवार पहचान पत्र के साथ लोगों की पूरी जानकारी दर्ज करवाने के लिए प्रयासरत है। इसी कड़ी में पेयजल कनेक्शन भी पीपीपी से जोड़े जा रहे हैं। लोगों की प्रापर्टी के संबंध में भी जानकारी पीपीपी पर अपडेट होगी।
महेंद्रगढ़ में सबसे कम उपभोक्ताओं ने करवाया लिंक
जिले में कनीना व महेंद्रगढ़ में परिवार पहचान पत्र से लिंक 70 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। हालांकि नारनौल, महेंद्रगढ़ व अटेली में अभी 50 प्रतिशत लोगों का पेयजल कनेक्शन ही परिवार पहचान पत्र से जोड़ा जा सका है। ऐसे में बचे हुए उपभोक्ताओं को पीपीपी से लिंक करने में अभी समय लग सकता है। बता दे कि जिले में 30989 पेयजल कनेक्शन है, इसमें से 15427 उपभोक्ताओं ने परिवार पहचान पत्र से लिंक करवा लिया है।
शहरी क्षेत्र में कितने उपभोक्ताओं ने करवाया पेयजल कनेक्शन लिंक
ब्लॉक कुल कनेक्शन पीपीपी से लिंक
अटेली 2533 1305
कनीना 2313 1864
महेंद्रगढ़ 7841 3326
नांगल चौधरी 2064 1375
नारनौल 16238 7557
वर्जन
विभाग की तरफ से घर-घर जाकर पेयजल कनेक्शन को परिवार पहचान पत्र से लिंक किया जा रहा है। इसके बावजूद लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से अब तक जिले में 52 प्रतिशत ही पीपीपी से लिंक हो सका है।
-मंगतुराम सरसवा, जिला सलाहकार, जन स्वास्थ्य विभाग व वाॅसो महेंद्रगढ़।
शहर में जो उपभोक्ता परिवार पहचान पत्र से पेयजल कनेक्शन लिंक नहीं करवाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में सभी उपभोक्ता टीम का सहयोग कर पीपीपी से पेयजल कनेक्शन लिंक करवा ले, ताकि किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
-अशोक डागर, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग, नारनौल।