विश्व जल निगरानी दिवस के अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन द्वारा जिले के विभिन्न स्कूलों व जल स्रोतों पर पेयजल की गुणवत्ता व जल संरक्षण विषय पर कार्यक्रम आयोजित हुआ।
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने कहा कि जल का हमारे दैनिक जीवन में विशेष महत्व है। हमारा जीवन पानी पर ही निर्भर करता है और जलाशय हम पर निर्भर करता है। इसलिए हमारा फर्ज बनता है कि हम अपने आसपास पीने के पानी के सभी स्रोत साफ सुथरे रखें व पेयजल की बर्बादी भी ना होने दें। उन्होंने कहा कि जिले भर के विभिन्न गांव में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम गांव-गांव जाकर व स्कूलों में बच्चों को भी पेयजल संरक्षण का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि जल स्रोत सीमित हैं और उनके सक्षम उपयोग से ही सभी के लिए जल की आपूर्ति संभव है। उन्होंने कहा कि जल योद्धा बनकर पेयजल संरक्षण करें।
उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संचयन कर गिरते भूजल स्तर में भी सुधार किया जा सकता है। इसके लिए हमें सामूहिक भागीदारी की जरूरत है। इस मौके पर खंड अटेली के सुजापुर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, निजामपुर खंड के नांगल दर्गू, नारनौल के ताजीपुर में पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित कर पेयजल स्रोतों के पेयजल की गुणवत्ता की जांच भी की गई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जल पेयजल स्रोतों की रसायन जांच व क्लोरिन जांच भी की गई। उन्होंने कहा कि अब तक 38 गांवों के 200 स्रोतों के सैंपल लिए जा चुके हैं। वहीं जन संवाद के माध्यम से एक हजार उपभोक्ताओं के फीडबैक भी लिए जा चुके हैं।
इस अवसर पर बीआरसी विक्रम सिंह, बीआरसी इंद्रजीत, बीआरसी अशोक कुमार उपस्थित रहे।