महेंद्रगढ़। पिछले दो सालों के दौरान महेंद्रगढ़ नगरपालिका की कोई भी योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही हैं। विकास को लेकर जिम्मेदार लगातार दावे तो करते आ रहे हैं लेकिन यह दावे धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। नगरपालिका की ओर से दो वर्षों में विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लग पाई है। शहर की सरकार की ओर से एक सप्ताह में काम शुरू नहीं होने पर धरने की चेतावनी के बाद सोमवार को नगर आयुक्त कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में भी एक सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन मिला है। पिछले दो माह के दौरान प्रधान व पार्षदों भी विकास कराने के लिए खूब भागदौड़ करते नजर आ रहे हैं, लेकिन अधिकारी किसी भी योजना को दो सालों के दौरान सिरे नहीं चढ़ा पाए हैं।
सोमवार को नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद ने अधिकारियों को पेचवर्क कार्य करने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए। उन्होंने नपा प्रधान, उप प्रधान व पार्षदों को एक सप्ताह में कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। वहीं शहर की सरकार ने एक सप्ताह में काम शुरू नहीं कराने पर एक अगस्त से धरने पर बैठने की चेतावनी दी। दो माह के दौरान नगर आयुक्त के साथ पांच बार बैठक हो चुकी है, जिसमें अधिकारी व प्रधान, उप प्रधान तथा पार्षदों ने विकास कार्यों को लेकर मंथन कर योजना बनाई थी।
यह हुए थे दावे, नहीं उतरे धरातल पर
गत 27 जून को नगर आयुक्त महाबीर प्रसाद के साथ शहर की नपा सरकार की बैठक नारनौल में हुई थी। इस दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को शहर के 11 हट्टा बाजार व डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए एक सप्ताह में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए थे। साथ ही नगर आयुक्त ने नगरपालिका सचिव, एमई, जेई व अन्य अधिकारियों को तय समय में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए थे। लेकिन अधिकारी 25 दिन का समय बीतने के बावजूद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। वहीं दूसरी बैठक गत चार जुलाई को हुई थी जिसमें नगर आयुक्त की ओर से इन कार्याें की प्रगति रिपोर्ट अधिकारियों से मांगी गई थी। अधिकारी इस प्रक्रिया को लेकर अपनी स्थिति भी स्पष्ट नहीं कर पाए थे। अब सोमवार को भी एक सप्ताह के समय में काम शुरू कराने का फिर आश्वासन मिला है।
यह योजनाएं गई ठंडे बस्ते में
बता दें कि पिछले दो सालों के दौरान नगरपालिका की ओर से 17 मुख्य एजेंडों के साथ-साथ पार्षदों के 33 प्रस्तावों को लेकर स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। साथ ही इनमें से अधिकांश की स्वीकृति नगर आयुक्त की तरफ से भी मिल चुकी है। लेकिन अधिकारी विकास कार्याें को लेकर कतई गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इन 50 प्रस्तावों में करीब 20 मुख्य सड़कों एवं 150 से अधिक गलियों के निर्माण व मरम्मत, मानसूनी सीजन से पूर्व नालों की सफाई, डोर- टू डोर कचरा कलेक्शन, स्ट्रीट लाइट खरीदने, सामुदायिक भवन के निर्माण का कार्य पूरा कराने सहित कई योजनाएं ठंडे बस्ते में चल रही हैं।
नगर आयुक्त ने एक सप्ताह के समय में कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है। शहर की सरकार की ओर से एक सप्ताह में काम शुरू नहीं कराने पर एक अगस्त से धरने पर बैठने का निर्णय लिया था। सोमवार को हुई बैठक में भी एक सप्ताह का समय दिया गया है।
-रमेश सैनी, नपा प्रधान महेंद्रगढ़।
फोटो संख्या:78- श्रीरामलीला परिषद महेंद्रगढ़ के पास लगा गंदगी का ढ़ेर--संवाद
फोटो संख्या:78- श्रीरामलीला परिषद महेंद्रगढ़ के पास लगा गंदगी का ढ़ेर--संवाद
फोटो संख्या:78- श्रीरामलीला परिषद महेंद्रगढ़ के पास लगा गंदगी का ढ़ेर--संवाद