पिछले नौ दिनों से शहर गंदगी के ढेर पर हैं। आमजन के आवास एवं प्रतिष्ठानों के घर के बाहर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं लेकिन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल होने के बावजूद अधिकारी, विधायक एवं मंत्री के आवास के बाहर रोड चकाचक हैं। यानी हड़ताल होने के बाद भी वीआईपी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
नगर परिषद रिकॉर्ड के अनुसार शहर में प्रतिदिन 43 टन कूड़ा निकलता है। पिछले 9 दिनों में शहर के अंदर 387 टन कचरा जमा हो गया है। टीम ने वीरवार को डीसी डॉ. जयकृष्ण आभीर, एसपी विक्रांत भूषण, विधायक डॉ. अभय सिंह व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव के आवास के बाहर का निरीक्षण किया। इन स्थानों पर कहीं भी कचरे का ढेर नजर नहीं आया। उक्त सभी स्थानों के बाहर चकाचक मिला। इसके बाद शहर के विभिन्न बाजारों पुल बाजार, सराय, आजाद चौक, रेवाड़ी रोड, सिंघाना रोड का जायजा लिया। साथ ही मोहल्ला मिश्रवाड़ा, चांदुवाड़ा, संघीवाड़ा सहित अन्य मोहल्लों का जायजा लिया जहां पर कूड़ा बीच रास्तों पर पड़ा हुआ है और मक्खियां भिनभिना रही थीं। बदबू की वजह से लोगों को मुंह बंद कर गुजरना पड़ रहा था। जिला परिषद की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की है।
शहर के 1.20 लाख लोग हो रहे परेशान
बता दें नगर परिषद के लगभग 217 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस समय केवल 22 कूड़ा कलेक्शन टैंपों ही चल रहे हैं। हर गली, मोहल्ले तथा बाजार में कूड़ा एकत्रित हो रखा हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। शहर में कूड़े के ढेरों से 31 वार्डों के लगभग 1.20 लाख लोग परेशान हो गए हैं। मक्खी, मच्छर पैदा हो रहे हैं। लोगों को बीमारी फैलने का खतरा सता रहा है।
9 वें दिन भी रही हड़ताल जारी
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा का धरना वीरवार को 9वें दिन में प्रवेश कर गया। उनकी हड़ताल लगातार जारी है। नगर पालिका कर्मचारी संघ पिछले 9 दिनों से अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। संघ एवं सरकार के बीच दो बार वार्ता हो चुकी है लेकिन उनकी वार्ता फैल हो गई। इस वजह से शहर में कुछ दिनों से झाड़ू भी नहीं लग रही। बाजारों के हालत बहुत अधिक खराब हैं। दुकानदार एवं ग्राहक बहुत परेशान है।
ये हैं मुख्य मांगें
संघ के प्रधान सुरेश कुमार ने मांगों के बारे में बताया कि सफाई कर्मचारियों, सीवर मैन व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ठेके के बजाय नियमित भर्ती किया जाए। कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। पक्की भर्ती हो। दमकल विभाग के कर्मचारियों को फायर ऑपरेटर के पदों पर मर्ज किया जाए, समान काम समान वेतन दिया जाए, पुुरानी पेंशन बहाल करो, ठोस कचारा निस्तारंण डोर टू डोर का ठेका बंद करो। कोरोना वायरस से मृत्यु होने पर कर्मचारियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता राशि दी जाए एवं नियमित रोजगार दिया जाए। चार हजार रुपये जोखिम भत्ता दिया जाए आदि मांगे हैं।
कूड़ा तो कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से हो रहा है। हमने उनकी मांग कुछ दिन पहले शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कमल गुप्ता से भी बातचीत की थी। मंत्री ने बताया था कि सरकार उनकी अधिकतर मांगों पर सहमत है लेकिन एक दो मांगे हैं जिन पर पेच फंसा हुआ है। सरकार एक दो दिन प्रतिनिधि मंडल से बातचीत कर मामले को सुलझा लेेगी। -डॉ. अभय सिंह यादव, विधायक, नांगल चौधरी।
हमारी हड़ताल पिछले 9 दिनों से जारी है। सरकार के सामने उनके प्रतिनिधि मंडल ने मांगें रखी थीं लेकिन उन मांगों पर सहमति नहीं बनी है। जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मान ली जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
-सुरेश कुमार, प्रधान, नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ, हरियाणा।
शहर की सफाई के लिए प्राइवेट लोग हायर किए जा रहे हैं लेकिन वो कूड़ा उठाने के लिए तैयार नहीं हो रहे। आज भी हमने कुछ अलग-अलग लोगों से बुलाकर बातचीत की थी लेकिन वो सिरे नहीं चढ़ पाई। हम अपना प्रयास लगातार कर रहे हैं जैसे ही प्राइवेट मजदूर हायर हो जाएंगे तो शहर का कूड़ा उठा दिया जाएगा।
-कमलेश सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, नारनौल।