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Mahendragarh-Narnaul News: चोर गुंबद का हो रहा जीर्णोद्धार, लाल पत्थर से बनेगी फर्श

Tue, 10 Sep 2024 01:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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नारनौल। शहर की ऐतिहासिक इमारतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इससे पर्यटन को तो बढ़ावा मिलेगा ही, साथ में स्थानीय लोगों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
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इसी कड़ी में चोर गुंबद का पीडब्ल्यूडी द्वारा करीब 80 लाख रुपए की लागत से जीर्णोद्धार हो रहा है। चोर गुंबद के चारों तरफ बनाए गए नेताजी सुभाष पार्क का भी नगर परिषद द्वारा जीर्णोद्धार करवाया जा रहा है। अब पार्क के साथ चोर गुंबद का जीर्णोद्धार होने से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगी। शहरवासियों को अब ऐतिहासिक इमारत नए रूप में देखने को मिलेगी। नेताजी सुभाष पार्क में शहर की ऐतिहासिक धरोहर चोर गुंबद उत्तर में एक चट्टान पर राजसी ढंग से खड़ी है। इस समय इस पूरे पहाड़ी क्षेत्र को जिला प्रशासन द्वारा एक पार्क में विकसित किया गया है, जिसका नाम नेताजी सुभाष पार्क है।

चोर गुंबद पर कार्य कर रहे कारीगरों ने बताया कि इस इमारत की दीवारों को नया रूप देने के साथ-साथ लाल पत्थर से फर्श भी बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके रंग और बनावट को देखते हुए चूने व ईंटों को पीसकर इसके चारों तरफ लिपाई की जा रही है। इससे इमारत को दोबारा से नया रूप मिल जाएगा। इसके अंदर भी लाल रंग के पत्थर बिछाए जाएंगे।
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शहर में 14 ऐतिहासिक स्मारक मौजूद
नारनौल शहर अपने अंदर 14 ऐतिहासिक स्मारकों को संजोए हुए हैं, जिनमें से तीन स्मारक केंद्रीय पुरातत्व विभाग और ग्यारह हरियाणा पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। पिछले काफी समय शहर के कई स्मारकों के जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। जिसमें राय बालमुकंद दास का छत्ता, अलीजान की बावड़ी व पीर तुर्कमान शामिल हैं। इसके साथ अब फिरोज शाह तुगलक के शासनकाल में सन 1351-88 ईसवी के दौरान बनाया गया था।



क्या है चोर गुंबद की विशेषता


चोर गुंबद नारनौल का ऐतिहासिक स्थल कहा जाता है, जो हरियाणा पुरातत्व के द्वारा संरक्षित है। यह चौकोर आकार में एक सुव्यवस्थित बड़े आकार का स्मारक है जिसमें प्रत्येक कोने पर चार मीनार है और एक कक्ष है। इसके चारों ओर एक खुला बरामदा होने के कारण यह बाहर से एक दो मंजिला संरचना का आभास देता है। इस संरचना का उपयोग संभवत चोरों और लुटेरों द्वारा छिपने के लिए किया गया था, जिसके बाद इसका वर्तमान नाम चोर गुंबद पड़ा। इसका निर्माण एक अफगान जमाल खान ने अपने मकबरे के रूप में करवाया था।
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चोर गुंबद में करीब 80 लाख रुपए की लागत से पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कार्य करवाया जा रहा है। इसके तहत इसकी बाहरी दीवारों सहित अंदर फर्श का कार्य चल रहा है। ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए यह कार्य करवाया जा रहा है।

-अश्वनी कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी विभाग, नारनौल
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