नारनौल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम करनाल से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये महेंद्रगढ़ जिले की 32 करोड़ 78 लाख रुपये की सात परियोजनाओं का लोकार्पण व उद्घाटन किया। उन्होंने पूरे प्रदेश को करीब दो हजार करोड़ रुपये की 170 विभिन्न परियोजनाओं की सौगात दी।
स्थानीय स्तर पर लघु सचिवालय के सभागार में मौजूद राजनेता और अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मुख्यमंत्री के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के साक्षी बने। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव मौजूद रहे। उनके साथ भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह उपस्थित थेे। जिलास्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार राज्य में ढांचागत सुविधाएं मुहैया करवा रही है। महेंद्रगढ़ को भी कई अहम परियोजनाओं की सौगात मिली है। कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में देश और प्रदेश का आर्थिक ढांचा मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज प्रदेश भर की शिक्षा, स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य, ढांचागत विकास से जुड़ी लगभग 170 परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। इन विकास कार्यों पर दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान वर्ष के तहत आजादी के इस अमृत महोत्सव में समान विकास की विचारधारा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इसका लाभ प्रदेशवासियों को प्रभावी रूप से मिल रहा है। इस अवसर पर अटेली विधायक सीताराम यादव, उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर, नगराधीश डॉ. मंगलसेन, पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. पूर्ण प्रभा, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, बीएंडआर के अधिशासी अभियंता समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
इन परियोजनाओं का किया लोकार्पण
प्राइमरी हेल्थ सेंटर, मालड़ा बास
मुख्यमंत्री ने गांव मालड़ा बास में 363.36 लाख रुपये की लागत से प्राइमरी हेल्थ सेंटर का उद्घाटन किया। इस प्राइमरी हेल्थ सेंटर का कुल क्षेत्रफल 16156 वर्ग फुट है। 10005 वर्ग फुट में बिल्डिंग बनाई गई है। इस प्राइमरी हेल्थ सेंटर में डाक्टर रूम, आयुष डाक्टर रूम, आयुष फार्मास्यूटिकल स्टाफ, लेबर रूम, पुरुष वार्ड, महिला वार्ड, नर्सिंग स्टेशन, ई-एक्स रूम, प्रतीक्षा कक्ष, माइनर ऑपरेशन थिएटर, कोल्ड चेन, टीकाकरण, स्टोर रूम, रिकॉर्ड रूम, पंजीकरण कक्ष, औषधालय, आयुष औषधालय आदि की सुविधा है।
पीजी कॉलेज : मल्टीपर्पज हाल व कक्षाएं
पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए 565.65 लाख रुपये की लागत से बने मल्टीपर्पज हाल का भी उद्घाटन हुआ। इसमें 9591.75 क्षेत्र में भूतल, 1726.54 क्षेत्र में फूड काउंटर तथा छात्र और छात्राओं के लिए ग्रीन रूम बनाया गया है। इसके अलावा प्राथमिक तल पर (विद्युत कक्ष, सेवा भंडारण कक्ष), लड़कों और लड़कियों के लिए शौचालय, और सड़क व पार्किंग की सुविधा है। इसके अलावा 360.89 लाख रुपये की लागत से तैयार क्लासरूम का भी उद्घाटन किया। इसका कुल एरिया 27906 वर्ग फुट है। इसमें कुल 12 क्लास रूम है। प्रत्येक मंजिल में चार क्लास रूम हैं। इसके अलावा लड़कों और लड़कियों के शौचालय, प्रत्येक मंजिल में स्टाफ शौचालय व पार्किंग हैं।
आईटीआई सेहलंग
छात्रों के कौशल विकास के लिए लगभग 564.57 लाख रुपये की लागत से तैयार सेहलंग आईटीआई का उद्घाटन किया। इस आईटीआई का कुल एरिया 32205 वर्ग फुट है। इसमें 3 क्लास रूम, एक प्रिंसिपल रूम, एक वेटिंग रूम, एक रिटायरिंग रूम, एक ऑफिस, दो वर्कशॉप इलेक्ट्रीशियन, दो वर्कशॉप फीटर व दो स्टोर हैं।-
आईटीआई सतनाली
छात्रों के कौशल विकास के लिए लगभग 767.04 लाख रुपये से तैयार आईटीआई सतनाली का उद्घाटन किया। इस आईटीआई का कुल एरिया 32754 वर्ग फुट है। इसमें भूतल पर प्रिंसिपल कार्यालय, 4 कार्यशाला, 4 कक्षा कक्ष, लड़कों व लड़कियों के लिए 2 शौचालय तथा 2 शौचालय कर्मचारियों के लिए, प्रथम तल पर 3 परीक्षा हाल, 4 क्लास रूम, 2 लड़कों और लड़कियों के लिए शौचालय व 2 स्टाफ के लिए शौचालय की व्यवस्था है।
ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस
मुख्यमंत्री ने लघु सचिवालय के नजदीक लगभग 234.40 लाख रुपये की लागत से तैयार ईवीएम व वीवीपैट वेयर हाउस का उद्घाटन किया। इस ईवीएम व वीवीपैट वेयरहाउस का कुल एरिया 32754 वर्ग फुट है। इसमें भूतल 4824.38 वर्ग फुट में, पहली मंजिल 4824.38 वर्ग फुट, दूसरी मंजिल 3703.88 वर्ग फुट व 436.72 वर्ग फुट में मुमटी है। इसमें भूतल पर प्रशिक्षण हॉल, लॉबी, शौचालय, गार्ड कक्ष, कार्यालय, पहली मंजिल पर वीवीपीएटी के लिए ईवीएम स्टोर हॉल, दूसरी मंजिल पर कंट्रोल यूनिट के लिए ईवीएम स्टोर हाल की सुविधा है।
लघु मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला
राज्य में 4.18 करोड़ से 22 लैब तथा अटेली अनाज मंडी में लगभग 6 लाख की लागत से तैयार हुई लघु मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया। प्रयोगशाला 55 वर्ग मीटर क्षेत्र में दो कमरे हैं। किसानों को मिट्टी तथा पानी की जांच की सुविधा होगी। आसपास के किसान यही से जांच करा सकेंगे।