नारनौल। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं ठेकेदारों की साठगांठ से सरकार से पैसे तो ले लिए, लेकिन मौके पर काम नहीं हुआ। इसकी जांच के लिए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को शिकायत दी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ठेकेदारों ने अधिकारियों से साठगांठ करके करोड़ों रुपये सरकार से तो ले लिए, लेकिन धरातल पर न तो माल सप्लाई किया और न ही मौके पर काम किया। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जनस्वास्थ्य विभाग का एक वर्ष (2021) का रिकॉर्ड तलब किया है। पिछले दो दिनों से विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने सीएम फ्लाइंग द्वारा मांगे गए रिकॉर्ड की प्रतियां रेवाड़ी ले जाकर जांच से संबंधित अधिकारियों के सामने पेश की हैं। अभी तक 70 प्रतिशत रिकॉर्ड टीम के पास पहुंचा है। आज भी अन्य रिकॉर्ड के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एक्सईएन को पत्राचार किया है। एक्सईएन ने उसके लिए 15 दिन का समय मांगा है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते द्वारा रिकॉर्ड तलब किए जाने के बाद अधिकारियों एवं ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुुआ है।
नारनौल पब्लिक हेल्थ में सीआई और डीआई स्पेशलिस्ट फर्म के अलावा कई अन्य फर्म हैं, जो विभाग को मैटीरियल उपलब्ध करवाती हैं। इनमें सबमर्सिबल मोटर, वायरिंग, पीवीसी पाइप, लाइनों के ज्वाइंट, वॉल्व आदि अनेक सामान भी शामिल हैं। इसके अलावा ठेकेदारों के माध्यम से विभिन्न साइट पर लेबर भी उपलब्ध करवाई जाती है। लगभग दो से ढाई महीने पहले सरकार के पास एक शिकायत भेजी गई थी, जिसमें आरोप लगाए गए थे कि विभाग के अधिकारी कुछ वर्षों से पांच फर्मों को ही काम दे रहे हैं, जो मौके पर न तो काम करवाते हैं और अधिकारियों से मिलकर पैसा पास करवा आपस में बांट लेते हैं। सूत्रों के अनुसार अगले एक डेढ़ माह में इसकी जांच पूरी होने की संभावना है, उसके बाद ही रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी।
रिकॉर्ड की फोटोकॉपी वापस कर सत्यापित कराने के लिए कहा
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के सूत्रों के अनुसार ढाई महीने से वो रिकॉर्ड के लिए विभाग के अधिकारियों को दो-दो तीन-तीन रिमाइंडर भेज चुके हैं, तब जाकर 70 प्रतिशत रिकॉर्ड उपलब्ध हो पाया है। सूत्रों ने बताया कि वीरवार को भी रिकॉर्ड की फोटोकॉपी लेकर आए थे, जो सत्यापित नहीं थी। उनको वापस कर सत्यापित करवाकर लाने के लिए कहा गया है।
पांच फर्मों को रखा जांच के दायरे में
जांच में सामने आया कि पांच फर्मों को विभाग ने करोड़ों रुपये का भुगतान किया हुआ है जबकि अन्य अनेक फर्मों से इनके मुकाबले दस प्रतिशत ही काम लिया। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती जा रही है जांच के दायरे में और भी फर्म शामिल हो गई हैं।
प्रारंभिक जांच में यह आया सामने
सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जिन स्थानों पर मोटर आदि की रिपेयरिंग की है, उनका स्थान नहीं दिखाया गया है। जबकि रिकॉर्ड में यह लिखना जरूरी होता है।
वर्जन
विभाग की मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के पास जांच चल रही है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के अधिकारी जो भी कागजात उनसे मांग रहे हैं, वह उन्हें उपलब्ध करवा रहे हैं। 4 अगस्त को भी कुछ कर्मचारी और अधिकारी रिकॉर्ड लेकर सीएम फ्लाइंग ऑफिसर रेवाड़ी गए हुए हैं।
- सूर्यकांत, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नारनौल
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। अगर ऐसा हुआ है तो बहुत गलत है। जांच में सबकुछ साफ निकलकर आ जाएगा। यह हर विभाग को ध्यान रख लेना चाहिए कि कहीं भी खामी मिली तो उसकी जांच भी होगी और कार्रवाई भी होगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इस प्रकार की कोई शिकायतें आती हैं तो उस पर संज्ञान लिख जाए।- डॉ. जेके आभीर, उपायुक्त, महेंद्रगढ़।