कनीना। मंगलवार को उपमंडल के गांव कपूरी, पड़तल, मोड़ी, मानपुरा, ढाणा, भोजावास, गोमला, गोमली में वाटर टेस्टिंग मोबाइल वैन ने दौरा कर जल परीक्षण किया। जल जीवन मिशन के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से जिले के सभी खंडों के मोबाइल वाटर टेस्टिंग वैन के माध्यम से गांव-गांव जाकर मौके पर ही केमिकल जांच करवाई जा रही है। खंड संसाधन संयोजक मोहित कुमार ने बताया कि मोबाइल लैब कनीना खंड के सोलह गांवों का जल परीक्षण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि भारत की लगभग 60 प्रतिशत से अधिक आबादी पानी की कमी वाले क्षेत्रों में निवास करती हैं। वर्तमान समय में कर्नाटक का बंगलूरू जैसा शहर गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। भविष्य में हमें भी इस तरह के जल संकट का सामना ना करना पड़े उसके लिए हमें जल स्रोतों का संरक्षण करना चाहिए उनकी स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। गिरते भूजल स्तर के साथ-साथ जल की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। बढ़ते शहरीकरण और औद्यौगिकीकरण के कारण भी जल प्रदूषण बढ़ता जा रहा है।
हमें जल स्वच्छत और संरक्षण को जीवन का अनिवार्य संस्कार बनाना ही होगा। खंड कनीना की ग्राम पंचायत कपूरी, पडतल, मोड़ी, मानपुरा, ढाणा, भोजावास, गोमला, गोमली में वाटर टेस्टिंग मोबाइल वैन ने दौरा कर जल परीक्षण किया। लैब असिस्टेंट उज्ज्वल कुमार ने बताया कि मोबाइल वॉटर टेस्टिंग वैन के माध्यम से मुख्यतः टीडीएस, पीएच, टरबीडिटी आयरन, वॉटर हार्डनेस, फ्लोराइड, नाइट्रेट, सल्फेट व जिंक तत्वों की जांच की जाएगी। इस मौके पर सरपंच गोमली उर्मिला देवी, वेदप्रकाश सरपंच गोमला, पवन भोजावास, सेवानंद, सत्यवीर, नरेंद्र, इमृत सिंह, अमरजीत समाजशास्त्री संदीप कुमार मौजूद रहे।