फोटो संख्या:80- गांव पथरवा में श्रीमद्भावगत कथा में कथा सुनते श्रद्धालु--स्रोत- आयोजक
सतनाली। गांव पथरवा की ढाणी में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन तुलसीदास के चरित्र की कथा सुनाई। कथाव्यास कृष्ण महाराज व गोविंद महाराज ने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास चरित्र की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरितमानस की रचना की। तब काशी के विद्वान पंडितों ने इसका विरोध किया। विद्वानों ने काशी नरेश के पास पहुंचकर कहा कि तुलसीदास ने संस्कृत का अपमान किया है। उन्होंने हिंदी में ग्रंथ की रचना की है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा नौ दिन तक चलेगी। सुबह पांच बजे प्रार्थना तथा शाम को 8 से 9 बजे मीरा चरित्र का वर्णन किया जाएगा। इस मौके पर अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।