महेंद्रगढ़। 25 दिनों से जेएलएन नहर में पानी नहीं आने से गांव देवास में बने जलघर के चार वाटर टैैंको में महज दस दिन का पानी शेष है। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले एक सप्ताह से ठंड के मौसम में भी मांग के आधे पानी की आपूर्ति शहर में की जा रही है।
शहर की 50 हजार की आबादी को 135 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से 68 लाख लीटर पानी की प्रतिदिन आवश्यकता है, लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरत का आधा पानी करीब 34 लाख लीटर ही दिया जा रहा है। एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ठंड के मौसम के चलते पानी की मांग सामान्य है लेकिन विभाग ने शहर में पेयजल आपूर्ति की राशनिंग भी आधी कर दी है। लगभग 50 हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति तकरीबन 27 लाख लीटर पानी बोरवेल तथा 55 लाख लीटर पानी नहरी पानी पर आधारित है। ऐसे में नहरी पानी नहीं आने से लोगों को भी मांग के अनुसार आधा पानी मिल रहा है। शहर की आबादी को गांव देवास स्थित जलघर से पेयजल आपूर्ति होती है। जलघर में करीब 55 लाख लीटर पानी की क्षमता के बने चार जल घरों में से जल घर नंबर में महज 5 दिन का पानी, जलघर नंबर दो में भी सफाई के अभाव मऐें पानी पी लायक नहीं है इस पानी को फील्टर करने के बाद ही इसे पीने लायक बनाया जा सकता है। जबकि जलघर नंबर तीन व चार में दो दिन का पानी शेष है।
देवास जलघर महज 10 दिन का पानी शेष
जनस्वास्थ्य विभाग की माने तो देवास स्थित 55 लाख क्षमता के जलघर में महज 10 दिन का पानी शेष है। वहीं नहरी विभाग के जिम्मेदारों की माने तो 6 दिसंबर को पानी आने की संभावना है। लेकिन जिले में पेयजल आपूर्ति के लिए एक मात्र जेएनएल की मरम्मत का कार्य चल रहा है। ऐसे में 6 दिसंबर तक नहरी पानी आने पर भी संशय बना हुआ है। अगर 13 दिसंबर तक नहरी पानी नहीं आया तो शहर में पेयजल संकट गहरा जाएगा। बता दे कि देवास गांव में करीब 25 एकड़ में बने 55 लाख की क्षतमा के चार टैंकों से शहर की 50 हजार की आबादी को पेयजल की आपूर्ति होती है। ऐसे में दस दिन का पानी शेष है और जवाहरलाल नेहरू कनाल में 20 दिन में पानी आने की संभावना है।
एक दिन छोड़कर हो रहा पेयजल सप्लाई
सोमवार से एक दिन छोड़कर पेयजल की सप्लाई हो रही है जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ठंड के मौसम में पानी की अधिक मांग तो नहीं लेकिन बर्तन व कपड़े धोने का क्रम वर्षभर चलता है।
- सोनू योगी, शहरवासी
- नहरी पानी की स्थिति को देखकर करना चाहिए था पर्याप्त स्टॉक:
पेयजल को लेकर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह से मांग के अनुसार आधा ही पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। ठंड के मौसम में भी विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति नहीं सुधारी जा रही है।
मनीष राजपूत, शहरवासी
एक तो नहर नहीं आ रही वहीं दूसरी ओर देवास जल घर में दस दिन का पानी बचा हुआ है। ऐसे में पेयजल का संकट गहरा जाएगा और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जन स्वास्थ्य विभाग को नियमित पेयजल आपूर्ति के लिए अन्य प्रयास शुरू करने चाहिए।
संदीप सैनी, शहरवासी
एक दिन छोड़कर हो रही सप्लाई से हो रही परेशानी:
पानी एक दिन छोड़कर सप्लाई हो रहा है। कई बार नलों में गंदा पानी भी आ रहा है। एक तो नियिमत आपूर्ति नहीं ऊपर से गंदे पानी की सप्लाई लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि लोगों को काफी परेशानी का सामना न करना पड़े।
रोहताश तिवाड़ी, शहरवासी
सोमवार से पानी की राशनिंग शुरू कर दी गई है। जलघर में 10 दिन का पानी शेष है। 13 दिसंबर को नहर आने की संभावना है। वहीं नहरी पानी के अभाव में ट्यूबवेल आधारित पेयजल सप्लाई शहर में की जा जाएगी। शहरवासियों को पेयजल के लिए कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। इसके बाद नहरी पानी आने के बाद देवास जलघर में टैंकों का भरा जाएगा जिसके बाद नियमित रूप से जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
- प्रदीप यादव, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग