नारनौल। बेमौसमी बारिश का असर अप्रैल माह के शुरूआत में भी दिखाई दे रहा है। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ाई हुई है। रविवार सुबह क्षेत्र में हलकी बारिश हुई। दोपहर बाद धूप निकलने पर किसानों ने राहत की सांस ली। रविवार रात को एक ओर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर सोमवार को दिखाई देगा। 5 अप्रैल से मौसम साफ और शुष्क बनने और तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना बन रही है। बारिश के चलते अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजकीय महाविद्यालय के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 2 अप्रैल रात्रि को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 3 व 4 अप्रैल को एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान 50 से 70 इलाके में तेज गति से हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश और गरज चमक के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियों की संभावना बन रही है। 5 अप्रैल से मौसम साफ और शुष्क बनने और तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना बन रही है। लगातार मौसम प्रणाली का प्रभाव से तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। रविवार को नारनौल न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री दर्ज किया गया।
नारनौल ब्लॉक के 93 किसानों ने जमा कराए आवेदन
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए किसान कृषि उपनिदेशक कार्यालय में सोमवार तक आवेदन जमा करवा सकते है। इसके बाद मुआवजे के लिए आवेदन जमा नहीं किए जाएंगे। 31 मार्च को जिले में हुई ओलावृष्टि व बारिश से खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए आवेदन जमा किए जा रहे हैं। रविवार को भी आवेदन जमा करवाने के लिए कृषि उपनिदेशक कार्यालय खुला रहा। दो दिनों में नारनौल ब्लॉक के 93 किसानों ने फसल में हुए नुकसान के लिए आवेदन जमा करवाए हैं। शनिवार को 80 किसानों ने आवेदन किया था जबकि रविवार को 13 किसानों ने फसल खराबे के लिए आवेदन दिया है।
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल ओलावृष्टि प्रभावित गांवों के लिए खुला
जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसलों का बीमा नहीं करवाया, उन किसानों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल दोबारा खोला गया है। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को दोबारा खुलने को लेकर किसान भ्रमित है। प्रशासन ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल ओलावृष्टि प्रभावित गांवों के लिए ही खोला है। जिले में केवल 177 गांवों के किसान ही ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल में हुए नुकसान के लिए आवेदन कर सकते है। इसमें नारनौल, निजामपुर, नांगल चौधरी व अटेली ब्लॉक के गांवों को शामिल नहीं किया गया है। राजस्व विभाग के सिस्टम इनालायसिस राजकुमार ने बताया कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल महेंद्रगढ़, सतनाली व कनीना खंड के 177 गांवों के किसानों के लिए दोबारा से खोला गया है। इन गांवों में ओलावृष्टि से सरसों व गेहूं की फसलों में काफी नुकसान हुआ है, लेकिन बारिश से खराब हुई फसलों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खोला गया है। नारनौल, निजामपुर व नांगल चौधरी के किसान केवल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खराब हुई फसल के लिए उपनिदेशक कार्यालय में आवेदन दे सकते है।