महेंद्रगढ़। गांव बवाना में युवा मित्रा एजेंसी के माध्यम से सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग नारनौल अटल भूजल योजना की ओर से एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
महेंद्रगढ़ खंड की ट्रेनर सविता और मीना ने बताया कि हरियाणा राज्य के 14 जिले, 36 खंड और 1656 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। राज्यों का चयन भूजल दोहन और क्षरण की डिग्री, स्थापित कानूनी और नियामक उपकरणों, संस्थागत तत्परता और भूजल प्रबंधन से संबंधित पहलों को लागू करने में अनुभव के अनुसार किया गया है।
25 दिसंबर 2019 को प्रधानमंत्री द्वारा भूमि जल स्तर वाले क्षेत्रों में भूजल संरक्षण के लिए अटल भूजल योजना प्रारंभ की गई है। अटल भूजल योजना भूजल का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और टिकाऊ भूजल प्रबंधन को बढ़ाना है। ट्रेनर मीना ने बताया कि आने वाले भविष्य को देखते हुए जल प्रबंधन का होना बेहद आवश्यक है। अटल भूजल योजना के तहत लगाए गए जल प्रवाह मीटर, वर्षा मापक यंत्र और जल स्तर को मापने के तरीके पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर सीआरपी पूनम, मनीषा पंच, राधेश्याम, ज्योति पंच, कैलाश, रामचंद्र, इंद्रा देवी, राम कला, कमल कांत, इंद्रजीत मौजूद रहे।
वहीं, गांव सीगड़ा में युवा मित्रा एजेंसी के माध्यम से सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग नारनौल अटल भूजल योजना एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कनीना खंड ट्रेनर मीना ने भूजल स्थिति पर प्रकाश डालते हुए अटल जल को भागीदारी भू-जल प्रबंधन तथा निरंतर भू-जल संसाधन प्रबंधन के लिए समुदाय स्तर पर व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूत बनाने के मुख्य उद्देश्य के साथ तैयार किया गया है।
सरपंच राजेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को पानी व्यर्थ नहीं करने के लिए जागरूक किया और घटते भूजल को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने का सुझाव दिया। ट्रेनर मीना ने बताया कि अटल भूजल योजना के तहत लगाए गए जल प्रवाह मीटर, वर्षा मापक यंत्र और जल स्तर को मापने के तरीके पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर सीआरपी हेमंत, ईश्वर सिंह फॉरेस्टर, लालाराम, संजय, यशपाल, सविता, प्रमिला, कांता मौजूद रहे।