नारनौल। जिले में शुक्रवार रात नहरी पानी पहुंच गया है। अब नहरों में पानी आने से लहरोदा, नसीबपुर तथा रेवाड़ी रोड स्थित वाटर टैंकों में पानी का भंडारण शुरू कर दिया है। इससे मार्च के माह में पानी की ज्यादा किल्लत का शहरवासियों को सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि अभी राशनिंग जैसी समस्या शहर में नहीं हुई थी। वहीं अब समय पर नहरी पानी आने से लोगों को पानी की समस्या नहीं होगी।
जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर की वजह से चौधरी, निजामपुर तथा नारनौल शहर में जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल बंद होने की कगार पर है। ऐसे में नारनौल शहर तथा नांगल चौधरी, निजामपुर तथा दोहान पच्चीसी के अनेक गांव नहरी पानी की सप्लाई पर निर्भर है।
15 दिन लगातार चलेगी नहर
जिले में नहरी पानी करीब 15 दिन तक चलता है। ऐसे में पेयजल की समस्या से बचने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग लहरोदा, नसीबपुर तथा रेवाड़ी रोड पर वाटर टैंकों में पानी स्टोरेज कर लेता है। जिसके बाद 15 दिन तक नहरी पानी बंद रहने पर इन टैंकों के सहारे शहर में पेज जल की सप्लाई होती है। अगर नहरी पानी खुबड़ू हेड से देरी से छोड़ा जाता है तो शहर में पानी राशनिंग शुरू हो जाती है।
गेहूं की फसल में भी किसान दे सकेंगे समय पर पानी
नहरों में समय पर पानी आने से किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। अभी क्षेत्र में गेहूं की फसल अंतिम पड़ाव पर है, ऐसे में अब नहरी पानी गेहूं की फसल में देने से पैदावार में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि सरसों फसल में अब पानी देने की जरूरत नहीं है।
नारनौल डिस्ट्रीब्यूटरी में नहरी पानी पहुंच गया है। अब नहरी पानी से वाटर टैंक, तालाब और जोहड़ों को भर दिया जाएगा। यह नहर 10 मार्च तक चलेगी। किसानों को भी पर्याप्त मात्रा में गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए नहरी पानी मिल सकेगा।
राजेश वर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग नारनौल।