नारनौल। वर्ष 2021 में हुई हरियाणा कांस्टेबल भर्ती के मामले में पैसे लेकर नौकरी लगवाने के मामले में जिला पुलिस ने 12 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी जल्द हो सकती है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में जो आरोपी पकड़े हैं, उनके नाम सिंगडा निवासी सत्य उर्फ सत्यव्रत, मुख्य आरोपी नरेश का साला कपिल, हिसार निवासी पंकज और दीपक मुख्य रूप से शामिल हैं।
पुलिस ने चार उन युवकों को भी पकड़ा है, जिन्होंने हेड कांस्टेबल की परीक्षा देनी थी। इन युवकों के फोटो के साथ ही मिक्स करके सीटरों की फोटो तैयार की गई थी। इस वजह से इनको भी पुलिस ने पकड़ा। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि सिंगडा निवासी सत्य उर्फ सत्यव्रत मुख्य आरोपी नरेश का पार्टनर है। कपिल मुख्य आरोपी नरेश का साला है। हिसार निवासी पंकज का गुरुग्राम में पीजी है, जहां पर परीक्षा देने आने वाले सीटरों को ठहराया जाता था। पकड़े गए आरोपी दीपक के माध्यम से सीटर गुरुग्राम में स्थित पंकज के पीजी में पहुंचते थे।
नितिन ने झूठ बोला-पैसे ऐंठना चाहता था नितिन, भरनी थी गाड़ी की किस्त
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि इस मामले में पकड़े गए पंचकूला के डीसी कार्यालय में कार्यरत क्लर्क नितिन ने आवेदकों के फिंगर प्रिंट बदलवाने की जो बात कही थी, वह झूठी थी। उसने ऐसा अपनी ट्रेवल एजेंसी के लिए ली गई गाड़ियों की किस्त अदा करने के लिए किया था, ताकि उसे पैसा मिलने पर गाड़ियों की किस्त दे सके।
22 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
इस मामले में अब तक कुल 44 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। पहले 32 गिरफ्तार हुए थे। अब पिछले एक माह के दौरान 12 अन्य गिरफ्तार हुए हैं। आरोपियों से अब तक 22 लाख से ज्यादा की नकदी बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा 13 खाते सीज किए गए हैं। इन खातों में 11 लाख 65 हजार की राशि मिली है। इसके अलावा 57 ग्राम सोना बरामद किया गया है।
यह था मामला
गांव सूरजवास निवासी धर्मबीर ने रुपये लेकर हरियाणा पुलिस में भर्ती करवाने की शिकायत पुलिस को दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू की तो गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े निकले। इसमें कई कोचिंग संस्थान के लोगों को भी पकड़ा गया है। यह लोग दो तरह से काम करते थे। एक सीटर बुलाते थे, जो कैंडीडेट के नाम पर पेपर देते थे। यह बिहार, यूपी से आते थे। एक सीटर पकड़ा गया है। इसके अलावा महेंद्रगढ़, रोहतक, राजस्थान के कुछ कोचिंग संस्थान थे। ये कोचिंग संस्थान ट्यूशन न देकर सेटिंग करते थे कि भर्ती करवा देंगे। इसमें लैब में जो ऑनलाइन पेपर होते थे, वह हैकिंग के जरिये करवाए जाते थे। इसके अलावा भी कुछ और नाम आए सामने आए हैं, उनकी भी जल्द गिरफ्तारी करेंगे।
भर्ती मामले में 12 अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें सीटर या पैसे लेने वाले और जिनकी परीक्षा होनी थी, वह शामिल हैं। कुछ कंप्यूटर लैब के संचालक भी शामिल हैं, जो भर्ती करवाने का झांसा देकर पैसे ऐंठते थे। उनसे चार कार व एक बस बरामद की है। जो उन्होंने भर्ती के नाम पर लोगों से लिए गए पैसों से खरीदी थी।
- विक्रांत भूषण, एसपी महेंद्रगढ़।