नारनौल। शहर के जिला नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड भवन में कई जगह मधुमक्खियों ने छत्ते बना कर डेरा डाल रखा है। जच्चा-बच्चा वार्ड के भवन की खिड़कियां व शीशे पहले ही टूटे हुए है। इससे मधुमक्खियों के छत्ते हादसे का कारण बन सकते हैं और मरीजों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में हर समय अच्छी-खासी संख्या में मरीज मौजूद रहते हैं। यह भवन काफी पुराना है और इसमें दोनों तरफ दीवार पर मधुमक्खियों के छत्ते हैं। मरीजों का कहना हैं कि मधुमक्खी के छत्ते किसी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से मधुमक्खियों के छत्ते हटाने की मांग की है।
जच्चा बच्चा वार्ड में खिड़कियों की जाली और शीशे टूटे हुए हैं। इन खिड़कियों में कहीं अखबार तो कहीं लकड़ी के फट्टे लगाकर लीपापोती की गई हैं। वार्ड के अंदर मरीजों के आस-पास मक्खी-मच्छर और खतरनाक ततैया भिनभिनाते रहते हैं।
मैं अटेली मंडी से अपने किसी संबंधी को इलाज के लिए यहां लेकर आया था। यह अस्पताल पूरे जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां इस तरह की अव्यवस्था बहुत ही परेशान करती हैं। मधुमक्खी के लगे छत्ते किसी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। अस्पताल प्रशासन को इस तरफ ध्यान देने की आवश्यकता हैं।
बिशन दयाल, अटेली मंडी।
इस वार्ड में खिड़की के शीशे और जाली टूटे हुए हैं। सारा दिन मरीजों के आस-पास मक्खी-मच्छर और खतरनाक ततैया भिनभिनाते रहते हैं। दिन तो किसी तरह कट जाता हैं, लेकिन रात को मच्छर सोने ही नही देते हैं।
सुधीर कुमार, कनीना।
समस्या संज्ञान में है जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। जिससे मरीजों को किसी भी तरह का नुकसान न हो और समस्या का सामना न करना पड़े।
सर्वजीत थापर, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल नारनौल।