फोटो नंबर-21रामकथा के दौरान निकाली गई भगवान राम सीता के विवाह की झांकी।
नारनौल। चौधरी शिवदयाल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा मोहल्ला चौधरीयान में चल रही रामकथा के छठे दिन शुक्रवार को सर्वप्रथम यजमान आकाश चौधरी से पूजा अर्चन करवा कथा का प्रारंभ किया गया। लक्ष्मण दास महाराज ने बताया कि राजकुमार राम 15 वर्ष के हो गए तो महर्षि वशिष्ठ दशरथ के पास आए और अपने यज्ञ अनुष्ठानों की दानवों से रक्षा के लिए राम को अपने साथ ले गए। इस दौरान भगवान राम व लक्ष्मण ने मार्ग में आने वाली सभी तामसिक शक्तियों को मार गिराया।
गौतम ऋषि की पत्नी माता अहिल्या का उद्धार किया। उसी दौरान उन्हें मिथिला नरेश का संदेश प्राप्त हुआ जिसमें उनकी पुत्री सीता के स्वयंवर का आमंत्रण था। तब महर्षि वशिष्ठ जी राम व लक्ष्मण जी को वहां अपने साथ लेकर पहुंचते हैं। सीता राजा जनक की पुत्री थी और मान्यता है कि सीता का जन्म धरती से हुआ था।