फोटो संख्या:60- कनीना के बाबा मोलड़नाथ मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन सुनती महिला
कनीना। वीरवार को कनीना स्थित बाबा मोलड़ नाथ मंदिर में एक सप्ताह तक चलने वाले श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भक्त प्रहलाद की कथा सुनाई गई। कथा व्यास दाशानूदास आचार्य प्रवेश शर्मा ने कहा कि भक्त प्रहलाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम का मंत्र सुना था। मंत्र सुनने मात्र से भक्त प्रहलाद के अनेक कष्ट दूर हो गए थे। कथा का आगाज गुरु वंदना के साथ किया गया। इसके उपरांत उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलाओं का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है, वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। ऐसे में बच्चों को धर्म व आध्यात्म का ज्ञान दिया जाना चाहिए। माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है।अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव को पांच वर्ष की आयु में भगवान का दर्शन प्राप्त हुआ। इसके साथ ही उन्हें 36 हजार वर्ष तक राज्य भोगने का वरदान प्राप्त हुआ था। ऐसी कई मिसालें है, जिससे सीख लेने की जरूरत है। इस मौके पर संकीर्तन मंडली की सदस्यों ने प्रभु महिमा का गुणगान किया। उन्होंने अनेक मनमोहक भजन प्रस्तुत किए। जिन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
इस अवसर पर ठेकेदार अशोक, दीपक चौधरी, राजेंद्र, अनिल, दीपक, दिनेश यादव, राजेंद्र सिंह, अनिल कुमार, इंद्रजीत, शिव कुमार, लाल सिंह सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
फोटो संख्या:60- कनीना के बाबा मोलड़नाथ मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन सुनती महिला