नारनौल। नैफेड का सरसों खरीद का लक्ष्य पूरा होने के बाद से मंडियों में सरसों खरीद प्रक्रिया बंद हो गई है। वहीं आगे खरीद को लेकर अभी तक संबंधित खरीद एजेंसियों के पास कोई आदेश नहीं आए है जबकि खरीद को लेकर प्रतिदिन किसान खरीद शुरु होने के संबंध में जानकारी लेने के लिए मंडियों में पहुंच रहे हैं। जिन्हें वहां बैठे कर्मचारियों से एक ही जवाब मिल रहा है कि आगे खरीद को लेकर कोई आदेश नहीं आए है। आगामी आदेश के बाद ही खरीद दोबारा शुरु की जाएगी। खरीद बंद होने से किसान परेशान है, क्योंकि जिले में अभी भी सैकड़ों किसान ऐसे हैं जिन्होंने अपनी सरसों नहीं बेची है। वे सरसों में नमी आदि होने के कारण मंडियों में सरसों लेकर नहीं पहुंचे थे। वहीं अब सरकारी समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद बंद हो गई है।
बता दें कि 28 मार्च से जिले में सरकारी समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद प्रक्रिया शुरु हुई थी। जिसके तहत नैफेड एजेंसी ने हैफेड व वेयर हाउस के माध्यम से करीब 4 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद की है जोकि नैफेड ने निर्धारित अपने लक्ष्य से 53 हजार मीट्रिक टन अधिक सरसों की खरीद कर ली है। जबकि नैफेड का सरसों खरीद का लक्ष्य 3 लाख 47 हजार मीट्रिक टन था। नैफेड का लक्ष्य पूरा होने के बाद अब हैफेड व वेयर हाउस एजेंसी द्वारा सरसों की खरीद की जानी थी लेकिन उक्त एजेंसियों के पास अभी तक विभाग की तरफ से खरीद करने के संबंध में कोई आदेश नहीं आए है जिस कारण अभी तक खरीद प्रक्रिया बंद पड़ी है।
26-27 अप्रैल के बाद से सरसों की सरकारी खरीद नहीं की
गत 26-27 अप्रैल के बाद से सरसों की सरकारी खरीद नहीं की गई है। इस बीच मौसम खराब व उठान होने का हवाला देते हुए प्रशासन ने खरीद प्रक्रिया रोकने के निर्देश जारी किए गए है। मगर इसके बाद से आज तक खरीद प्रक्रिया दोबारा से शुरु नहीं की गई है। जबकि किसान प्रतिदिन मंडियों में खरीद प्रक्रिया शुरु होने की जानकारी लेने के लिए पहुंच रहे हैं। जहां कर्मचारियों द्वारा किसानों को दोबारा खरीद शुरु करने को लेकर आदेश जारी नहीं होने की बात कहकर वापस भेज रहे हैं।
खरीद बंद के कारण आढ़तियों को बेचने को मजबूर किसान
सरसों की सरकारी खरीद बंद होने के कारण किसान मजबूरन अपनी सरसों को मंडियों में आढ़तियों को सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य से कम दामों में बेच रहे हैं, क्योंकि सरकार ने अचानक से खरीद प्रक्रिया बंद करके उन्हें परेशानी में डाल दिया है। वहीं दोबारा खरीद शुरु करने के संबंध में भी सरकार व प्रशासन की तरफ से कोई सूचना या स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए है। इस कारण किसान मजबूरन अपनी सरसों को आढ़तियों को बेचने के लिए मंडियों में लाने लगे हैं।
नैफेड का सरसों खरीद का लक्ष्य पूरा हो गया है जबकि दोबारा खरीद शुरु करने को लेकर अभी विभाग की तरफ से उनके पास कोई आदेश नहीं आए है। जैसे ही विभागीय आदेश आते हैं। मंडियों में दोबारा से खरीद प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी।नीरज त्यागी, जिला महाप्रबंधक हैफेड नारनौल।