नारनौल। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना प्रशासनिक अमले की जिम्मेदारी होती है। प्रजातंत्र की यही पहचान होती है। ऐसे में सभी पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्त्तव्यों का पालन करें। जिला प्रशासन उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाने का प्रयास करेगा। यह निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर ने शनिवार को सभागार में पीठासीन व सहायक पीठासीन अधिकारियों की जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान सभी अधिकारियों ने ईवीएम की हैंड ऑन ट्रेनिंग भी ली।
उपायुक्त ने कहा कि प्रजाइडिंग ऑफिसर मतदान केंद्र का मुखिया होता है। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष निपटाएं। आपकी सहायता के लिए आरओ, एआरओ, सेक्टर मजिस्ट्रेट व ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित तमाम प्रशासनिक अमला तैयार रहेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बूथ मैनेजमेंट का सबसे बड़ा रोल होता है। बूथ पर हर चीज पूरी तरह से मैनेज होनी चाहिए।
760 पोलिंग पार्टियां लगाई जाएंगी। इसमें 10 फीसदी को रिजर्व में रखा जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि पंचायत राज चुनाव के लिए 691 बूथ तथा 760 पोलिंग पार्टियां बनाई गई हैं। इसमें दस फीसदी को रिजर्व रखा गया है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी व कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। अगर प्रक्रिया के दौरान थोड़ा सा भी संशय है तो अपने सीनियर से तुरंत बात करें। अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी इस कार्य में लापरवाही करता है तो हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि खंड स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रजाइडिंग ऑफिसर को डायरी दी जाएगी जिसमें चुनाव प्रक्रिया के बारे में बारीकी से समझाया गया है। इस दौरान आरपी सिंह ने चुनाव प्रक्रिया के बारे में प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी दी। इस मौके पर एसडीएम मनोज कुमार, डीडीपीओ वीरेंद्र सिंह, जीएम रोडवेज नवीन कुमार तथा जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।