अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
रोडवेज बस परिचालक ने रुपयों से भरा पर्स लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की है। बुधवार दोपहर के समय दिल्ली से नारनौल आ रही रोडवेज बस के परिचालक नारनौल के समीपवर्ती गांव लहरोदा निवासी हरीसिंह पुत्र गंगाराम को बस की सीट पर किसी यात्री का रुपयों व जरूरी कागजों से भरा एक पर्स मिला। पर्स मालिक राकेश यादव राजस्थान के गांव सातड़िया जिला झुंझुनू निवासी ने बताया कि वह दोपहर करीब दो बजे गुरूग्राम के राजीव चौक से नारनौल की ओर जाने वाली बस में सवार हुआ था, जोकि बस सायं करीब छह बजे नारनौल के बस स्टैंड पहुंची। वह बस से उतरकर बस स्टैंड पर स्थित चाय की दुकान पर चाय पीने लग गया। जब उसने चाय के रुपये देने के लिए जेब में हाथ दिया तो उसमें से पर्स गायब मिला। इसके बाद तुरंत इसकी सूचना उसने रोडवेज कर्मचारियों को दी। राकेश ने बताया कि उसके पास नारनौल से बस में अपने गांव जाने तक किराये के भी रुपये नहीं थे, लेकिन रोडवेज कर्मचारियों ने उदारता का परिचय देते हुए उसे दो सौ रुपये किराये के दे दिये। इतने में ही उक्त बस का परिचालक भी मौके पर पहुंच गया तथा उसने बस में एक पर्स मिलने की बात कही। इसके बाद परिचालक ने पर्स मालिक को उक्त पर्स रोडवेज के अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति में सौंप दिया। पर्स मालिक ने बताया कि पर्स में दस हजार चार सौ रुपयों के अलावा जरूरी कागजात मौजूद थे। उसने बताया कि वह गुरूग्राम दवाई लेने गया था।