नारनौल। देव उठनी एकादशी को लेकर वीरवार को शहर के बाजार गुलजार रहे और अधिक विवाह-शादी होने के कारण कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति भी बनी रही। देव उठनी एकादशी के स्वयं सिद्ध मुहूर्त को लेकर शहर के सभी मैरिज पैलेस भी बुक रहे। बाजार में जगह-जगह दूल्हे की गाड़ियां भी सजती नजर आई।
शहर में आज दूल्हे की गाड़ियों को सजाने वाली दुकानों पर खूब काम रहा और पूरे दिन गाड़ी सजाने वालों को समय नहीं मिला। गाड़ी सजाने वाले दुकानदार दयानंद सैनी व भगत सिंह ने बताया कि देव उठनी एकादशी को लेकर करीब दस गाड़ियों को सजाने की बुकिंग तो पहले से ही थी और करीब 20 से 25 गाड़ियां आज और सजने के लिए आई। उन्होंने बताया कि शहर में गाड़ियों को सजाने की करीब 25 दुकानें और सभी पर गाड़ियों को सजाने का कार्य चलता रहा। उन्होंने बताया कि गाड़ियों को सजाने के लिए कम से कम 1500 रुपये से शुरुआत थी और 5000 हजार तक भी गाड़ियां सजाई गई। इसके अलावा शहर के ब्यूटी पार्लरों में दिनभर दुल्हन का शृंगार करवाने के लिए भारी भीड़ रही।
देवउठनी एकादशी को लेकर आचार्य क्रांति निर्मल ने बताया कि कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी मनाई जाती है जो कि अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि इस दिन मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु की पूजा भी की जाती है। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय है इसलिए लोग इस दिन तुलसी के पौधे की पूजा करते है। आचार्य ने बताया कि इस दिन तुलसी व शालिग्राम जी के विवाह का भी आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसे करवाने से अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति होती है तथा वैवाहिक जीवन में कभी कोई दिक्कत नहीं आती। आचार्य क्रांति निर्मल ने बताया कि देवउठनी एकादशी को लेकर उन्होंने पंडित देवकीनंदन के साथ यजमान सुदेश शर्मा व मंजू शर्मा के निवास मोहल्ला रामनगर में तथा गांव डेरोली अहीर में पंडित दुलीचंद शर्मा व कुलदीप शर्मा के निवास पर तुलसी शालिग्राम जी का विवाह करवाया। आचार्य ने बताया कि विद्वद् ब्राह्मण परिषद में शहर के करीब 125 कर्मकांडी ब्राह्मण जुड़े है और उन सभी के पास देव उठनी एकादशी को लेकर फेरे है।उन्होंने बताया कि नारनौल शहर, अटेली व नांगल चौधरी को मिलाकर करीब 500 जोड़े देव उठनी एकादशी पर विवाह बंधन में बंधेंगे।