अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। जयरामदास धर्मशाला में श्री सतगुरू सेवा समिति महेंद्रगढ़ के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह समारोह के अंतर्गत वृंदावन से पधारे संत प्रवर स्वामी श्रीरामप्रपन्नाचार्य ने तीसरे दिन भगवान नृसिंह अवतार का वृत्तांत सुनाया। स्वामी ने कहा कि हिंदुस्तान के लोग ऋषियों की संतान है, लेकिन समय के साथ-साथ लोगों में संयम और आचार का बोलबाला होने लगा। लोगों को भोग प्रवृति ने अपने चंगुल में जकड़ लिया, यही कारण है कि लोगों के पारिवारिक सुख को ग्रहण लग गया है। भगवान भक्ति के लिये लोगों के पास मानों समय ही नहीं रहा, भोग विलासिता की अंधी दौड़ में आज का मनुष्य भटक गया है। चाह कर भी मनुष्य स्वयं को इन दुराचारों से आजाद नहीं करा पा रहा है। स्वामी ने सच्चे गुरु की पहचान बताते हुए कहा कि सच्चा गुरु वही है, जो अपने शिष्यों को आध्यात्मिक ज्ञान देता हो। आज की कथा में किशनचंद बोहरा, समिति प्रधान सुरेश राजस्थानी, विष्णु दत्त शर्मा, किशन मस्ताना, रोहताश सोनी, हनुमान प्रसाद सेठ, राकेश अरोड़ा, अमित गोयल, कुसुम अहरोदिया, सुषमा, सुमन, सरोज आदि श्रद्घालु उपस्थित थे।