अमर उजाला ब्यूरो
सतनाली मंडी। मोदी सरकार ने पहले नोटबंदी की और अब जीसटी लागू किया। लेकिन दोनों कामों में जितनी जल्दबाजी दिखाई उससे फायदा होने के स्थान पर देश में अस्थिरता एवं आर्थिक अराजकता की स्थिति बन गई है। नोटबंदी के बाद सरकार ने कभी यह नहीं बताया कि देश में कितना काला धन आया और इससे देश को क्या फायदा हुआ। यह बात रविवार सांय अपने माधोगढ़ स्थित फार्म हाउस पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं क्षेत्र की पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने कही। उन्होंने कहा कि जीएसटी का ठीक ढंग से अध्ययन किए बिना ही देश की जनता पर थोप दिया। जिस सेक्टर की लॉबिंग अधिक थी, उसको जीएसटी में फायदा दे दिया गया और जिनके पास लॉबिंग नहीं थी उनको 28 फीसदी के अधिकतम स्लैब में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि जीएसटी की परिकल्पना भी हमारी ही पार्टी की थी। उसमें टैक्स के 6 स्लैब नहीं थे। हमारे समय में अधिकतम टैक्स स्लैब 18 फीसदी का रखा गया था लेकिन वो तो भाजपा को मंजूर नहीं था और उसे उन्होंने 7 वर्षों तक लटकाए रखा लेकिन अब 28 फीसदी वाले जीएसटी को लागू कर दिया। इस अवसर पर यशवंत पिलानियां, विक्रम, राजसिंह, कै. जयप्रकाश, शशि अग्रवाल, विक्रम शेखावत, सूबेदार अमर सिंह, सूबेदार जयराम शेखावत, मनीष, रामौतार लांबा, जयपाल लांबा, धर्मपाल लांबा, राजकुमार शर्मा, शिवकुमार आदि मौजूद थे।