नारनौल। तेज बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जिले के 374 गांवों के 29396 किसानों ने आवेदन किया है। वहीं जिले में बीमित फसलों के 9600 किसानों ने उप कृषि निदेशक कार्यालय में खराबे के आवेदन जमा करवाए हैं।
अब ई-क्षतिपूर्ति पर आवेदन करने वाले किसानों की राजस्व विभाग की तरफ से स्पेशल गिरदावरी करवाई जाएगी। वहीं बीमित किसानों की फसल बीमा कंपनी व कृषि विभाग खराबे का सर्वे करेगा। इसके बाद किसानों का मुआवजा जारी किया जाएगा। बारिश व ओलावृष्टि से जिले के गांवों में सरसों व गेहूं की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में कटी पड़ी सरसों जहां पानी में डूब गई, वहीं गेहूं की फसल पूरी तरह बिछ गई। नांगल चौधरी, नारनौल व महेंद्रगढ़ में ओलावृष्टि व तेज बारिश का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का नारनौल ब्लॉक के सबसे ज्यादा किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन किया है। इसके बाद सतनाली के किसानों ने सबसे कम आवेदन किए है। नारनौल ब्लॉक के 96 गांवों के 7662 किसानों ने 29922.24 एकड़ में नुकसान के लिए आवेदन किया है। इसके बाद महेंद्रगढ़ के 85 गांवों के 6035 किसानों ने 26794.88 एकड़ में नुकसान हुआ है। नांगल चौधरी में 74 गांवों के 6907 किसानों ने 27518.3 एकड़ में नुकसान हुआ है। सबसे कम सतनाली क्षेत्र में 20 गांवों में 818 किसानों ने 4421.797 एकड़ में नुकसान के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। कृषि उपनिदेशक कार्यालय में तीन दिनों में जिले के 9600 बीमित किसान मुआवजे के लिए आवेदन फार्म जमा करवाए हैं जिसमें महेंद्रगढ़ के सबसे ज्यादा 6400 बीमित किसानों ने आवेदन दिए है। इसके बाद नारनौल के 3200 बीमित किसानों ने कार्यालय में खराबे के आवेदन दिए है। इस सीजन में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर 70838 पंजीकृत किसानों में से 29396 किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर खराबे के लिए आवेदन किया है।
गेहूं-सरसों दोनों में नुकसान
किसानों के अनुसार बारिश से कई जगहों पर 50 प्रतिशत तक भी नुकसान है। गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई, जिससे पानी में बालियां डूबी हैं। सरसों की बहुत सी फसल तो कटाई के बाद खेतों में पड़ी है, दाने काले पड़ने का अंदेशा है। वहीं खलिहान में लगी सरसों की फसल में भी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
पहले पाला गिरने से सरसों की फसल को नुकसान हुआ
रबी सीजन में पहले पाला गिरने से सरसों की फसल को नुकसान हुआ इसके बाद बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी। इस सीजन में जिले में 482123 कनाल में फसलों को नुकसान हुआ है। जिसमें 200 कनाल 4 मरला में 76 से 100 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। वहीं 469 कनाल 15 मरला में 51 से 75 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
क्षतिपूर्ति पार्टल पर आए आवेदन
ब्लॉक - गांव किसान - एकड़
अटेली - 52 - 3779 - 14667.82
कनीना - 47 - 4631 - 19817.56
महेंद्रगढ़ - 85 - 6035 - 26794.88
नांगल चौधरी - 74 - 6907 - 27518.3
नारनौल - 96 - 7662 - 29922.34
सतनाली - 20 - 818 - 4421.797
अब तक पाला व बारिश से हुआ नुकसान
प्रतिशत कनाल मरला
76 से 100 प्रतिशत 200 कनाल 4 मरला
51 से 75 प्रतिशत 469 कनाल 15 मरला
33 से 50 प्रतिशत 463237 कनाल 17 मरला
26 से 32 प्रतिशत 1708 कनाल 4 मरला
0 से 25 प्रतिशत 16509 कनाल 16 मरला
क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जिले के 374 गांवों के 29396 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इसमें नारनौल ब्लॉक के 96 गांवों के 7662 किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए ई-पोर्टल पर आवेदन किया है। 9600 बीमित किसानों ने विभाग के पास आवेदन जमा करवाए हैं।
-डॉ. सुमित, एसडीओ, कृषि विभाग।