गांव बुडीन में योजना के तहत बनाए गए वाटर टैंक पर लगी सौलर ऊर्जा पर आधारित मोटर।
महेंद्रगढ़। लगातार गिरते भूजल स्तर को ध्यान में रखते हुए सूक्ष्म सिंचाई विभाग की ओर से महेंद्रगढ़ क्षेत्र के छह गांवों में नहरी पानी से सिंचाई के लिए परियोजना तैयार कर अधिकांश पर काम पूरा कर लिया है। अब छह गांवों की 1800 एकड़ भूमि पर सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो पाएगा। विभाग की ओर से इस परियोजना के अनुसार 16.48 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। निंबेहड़ा एनबी-3 पंप हाउस से गांव निंबेहड़ा में छह वाटर टैंक बनाए गए हैं। वहीं बुडीन, बलाना, राजावास, जेरपुर, मांडोला, नांगल माला गांवों में मिनी स्प्रिंकलर के माध्यम से सिंचाई भी शुरू कर दी है। साथ ही इन गांवों के कुछ जोहड़ों को भी टैंक के रूप में प्रयोग कर भूमिगत पाइप लाइन के सहारे खेतों की सिंचाई की जा रही है।
इसके लिए नहरी विभाग की ओर से छह वाटर टैंक बनाकर सूक्ष्म सिंचाई विभाग के हेंडओवर किया गया था। इसके बाद सूक्ष्म सिंचाई विभाग ने 22.8 किलोमीटर के दायरे में 700 से 110 एमएम की पाइप लाइन बिछाकर इन गांवों में नहरी पानी आपूर्ति भी शुरू कर दी है। इनमें से इन गांवों के भी कुछ जोहड़ों को शामिल किया गया है तथा इस प्रेशर पाइप लाइन को आपस में जोड़कर सौर ऊर्जा आधारित मोटरें लगाई गई हैं। 1800 एकड़ भूमि पर करीब एक लाख से अधिक मिनी स्प्रिंकलर लगाए गए हैं जिसके माध्यम से महज चार घंटे में ही एक एकड़ की सिंचाई हो जाएगी।
विभाग की ओर से गिरते भूजल स्तर को ध्यान में रखते हुए कृषि के लिए नहरी पानी पहुंचाने की दिशा में अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। इस परियोजना के माध्यम से आठ गांवों की 1800 एकड़ भूमि पर सिंचाई के लिए पानी पहुंचना आरंभ हो गया है। 500 से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिलने लगा है।
-विजेंद्र सिंह, एसडीओ, सूक्ष्म सिंचाई विभाग, महेंद्रगढ़