नारनौल। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग प्रदेश में कृषि सामग्री उपलब्ध करवाने वाले विक्रेताओं को दो दिन का एक कैप्सूल कोर्स करवाएगा। यह सभी के लिए अनिवार्य है। यह कोर्स संबंधित उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा शनिवार व रविवार को जिला या खंड स्तर पर करवाया जाएगा। कोर्स जुलाई-अगस्त में पूरा किया जाना है। डीडीए जसविंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में किसानों को खाद, बीज व दवाओं के अलावा कृषि सूचना देने में कृषि सामग्री विक्रेता का महत्वपूर्ण योगदान होता है। ज्यादातर विक्रेताओं को कृषि की जानकारी नहीं होती। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के निर्देश पर तीन प्रकार के कोर्स करवाने का निर्णय लिया है। इसमें से एक कोर्स दो दिन का शनिवार व रविवार का होगा। दूसरा कोर्स 15 दिन का व तीसरा कोर्स 48 सप्ताह का होगा जो सिर्फ रविवार के दिन होगा। इसे हैदराबाद के सहयोग से हमेटी (हरियाणा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट एंड एजुकेशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) जींद द्वारा आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसमें 50-50 दुकानदारों का एक बैच होगा। इसके लिए सभी दुकानदारों को तीन हजार रुपये का बैंक ड्रॉफ्ट निदेशक हमेटी जींद के नाम देय देना होगा। जिस दुकानदार के पास तीनों लाइसेंस हैं, उससे तीन हजार रुपये और जिसके पास सिर्फ एक लाइसेंस है उससे भी तीन हजार रुपये लिए जाएंगे। इसके लिए सभी विक्रेताओं को विभाग में पंजीकरण करवाना होगा। जिसके लिए 250 रुपये फीस रखी गई हैं। दूसरा कोर्स 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स है। जो सिर्फ खाद विक्रेता के लिए रखा गया है। इसके लिए 12500 रुपये फीस रखी गई है। दुकानदार का मैट्रिक पास होना जरूरी है। तीसरा कोर्स कृषि विस्तार सेवा में डिप्लोमा के रूप में है,जो 48 सप्ताह का होगा। इसके लिए क्लास सिर्फ रविवार को जिला स्तर पर लगेगी। इसके लिए 20 हजार रुपये फीस रखी गई है। इस कोर्स के बाद कोई खाद व दवाई के लिए लाइसेंस ले सकता है।