सतनाली मंडी। आधुनिक खेती के नाम पर अधिक उत्पादन की चाह में पिछले कुछ वर्षों से रासायनिक खाद का इस्तेमाल खतरनाक रूप से बढ़ा है जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति तो प्रभावित होती ही है, मानव शरीर पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है। रासायनिक खाद में अनेक प्रकार के केमिकल मिले होते हैं जो शरीर को तो नुकसान पहुंचाते ही हैं, भूमि की उर्वरा शक्ति को खतरनाक रूप से प्रभावित करते हैं। यह बात कृषि विकास अधिकारी नवीन कुमार ने खंड के गांव श्यामपुरा में किसान शिविर में कही। उन्होंने बताया कि गोबर और जैविक खाद हर तरह से उपयोगी है और इससे पौष्टिकता भी बनी रहती है। उन्होंने शिविर में किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा भूमि की उर्वरक क्षमता बनाए रखने के लिए ढैंचा बोने और रासायनिक खादों के इस्तेमाल को कम करने की सलाह दी ताकि बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि शिविर में किसानों को बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बाढ़, बारिश, ओलावृष्टि अथवा अन्य किसी प्राकृतिक आपदा से यदि फसल को नुकसान पहुंचता है तो किसान को बीमा का लाभ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि शिविर में सक्षम सीतू कुमारी और शालू कुमारी ने किसानों को फसल योजना के लाभ बताए। उन्होंने बताया कि किसान को समय पर लगाई गई फसल की जानकारी संबंधित बैंक को समय पर देनी चाहिए। उन्होंने काश्तकार किसानों को ठेके अथवा पट्टे पर ली हुई भूमि पर लगाई गई फसल का बीमा करवाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचायत भवन स्थित सीएसई सैंटर में सक्षक नीलम कुमारी, राजेश कुमारी और अनुराधा ने पट्टे पर खेती करने वाले किसानों की सूची तैयार की और किसानों को योजना की जानकारी दी। सुरेहती जाखल और सुरेहती पिलानियां के किसानों को जानकारी देते हुए सक्षम मुकेश कुमार और दिनेश ने किसानों को योजना के बारे में जानकारी देते हुए इसका लाभ उठाने की अपील की।