महेंद्रगढ़। शहर से प्रतिदिन निकलने वाले 15 टन कचरे का निस्तारण अब शहर में किया जाएगा। इसके लिए नगर पालिका द्वारा 15 दिनों के अंदर काम शुरू करवा दिया जाएगा। कचरा निस्तारण यूनिट शुरू होने के बाद पिछले 10 सालों से एकत्रित किए गए शहर के कूड़े-कचरे को रिसाइकिल करके अलग-अलग किया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो गीले कचरे से वर्मिकंपोस्ट खाद बनाकर क्षेत्र के किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं प्लास्टिक, कांच और अन्य ठोस कचरे को रिसाइकिल करके अलग-अलग प्लाटों में भेजा जाएगा, जिसके बाद इसे फिर से उपयोग के लायक बनाया जा सकेगा। सूखे कचरे से प्राप्त होने वाले प्लास्टिक को सोनीपत के खरखौदा प्लांट में भेजा जाएगा। एक निजी कंपनी द्वारा कचरा निस्तारण का ठेका लिया गया है। कंपनी के सुपरवाइजर संदीप ने बताया कि शहर से निकलने वाले कचरे को मोदाश्रम मंदिर के पास स्थित डंपिग यार्ड में रिसाइकिल किया जाएगा। इसको लेकर डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली कंपनी की ओर से डंपिग यार्ड में नया प्लांट लगाया गया हैं। इस प्लांट में शहर से निकलने वाले कचरे को रिसाइकिल करके डंप करने के लिए खरखौदा भेजा जाएगा। कंपनी ने जून में कूड़े के निस्तारण के लिए दो मशीन लगाई गई थी, लेकिन मजदूर नहीं मिल पाने के कारण इसको अभी शुरू नहीं किया जा सका था। कूडे़े को रिसाइकिल करने के लिए मशीनों को भी दस दिन के अंदर दुरुस्त करवाया जाएगा। जनवरी तक मशीनों पर विशेषज्ञों की तैनाती कर दी जाएगी। शहर से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 12 से 15 टन कचरा उठाने के लिए कपंनी की ओर से छह टैंपों, दो ट्रैक्टर, दो जेसीबी तथा दो ट्रक लगे हुए हैं। इसके अलावा ठेकेदार के 18 कर्मचारी वाहनों पर तैनात हैं।
यह रहेगी कचरा कलेक्शन की योजना
शहर में 15 वार्ड हैं। 11 वाहनों के माध्यम से पूरे शहर से डोर-टू-डोर कूड़ा कचरा एकत्रित करना होता है। इनमें से छह ठेकेदार और पांच नगर पालिका के टैंपो हैं। शहर में प्रतिदिन करीब 15 टन गीला और सूखा कचरा निकलता हैं। शहर से निकलने वाले कचरे को डपिंग यार्ड में एकत्रित किया जाता है। शहर से निकलने वाले कचरे का निवारण नहीं होने के कारण डंपिग यार्ड में बड़े-बड़े ढेर लग गए थे। कचरा रिसाइकिल होने से काफी फायदा होगा। प्लांट में शहर से निकलने वाले कचरे से पॉलीथिन और अन्य सामान अलग-अलग किए जाएंगे। कचरे को अलग-अलग करने के बाद वाहनों के माध्यम से खरखौदा भेजा जाएगा। खरखौदा में शहर के कचरे को डंप किया जाएगा। प्लांट में पहले सूखे कूड़े को रिसाइकिल किया जाएगा क्योंकि सूखा कूड़ा आसानी से रिसाइकिल हो जाता है।