नारनौल। कुछ माह से जिला न्यायालय परिसर स्थित लिटिगेंट हाल से सिविल जज वरिष्ठ खंड के न्यायालय की तरफ जाने वाले रास्ते को बंद है। जिसके कारण अधिवक्ताओं व आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उक्त रास्ते को खुलवाने के लिए जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मनीष वशिष्ठ ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय में एक प्रतिवेदन दिया है। इसके साथ ही सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सूचनाओं की प्राप्ति के लिए आवेदन किया। पूर्व प्रधान वशिष्ठ का कहना है कि रास्ते के बंद होने से लिटिगेंट हाल से सिविल जज वरिष्ठ खंड के न्यायालय में पहुंचने के लिए करीब तीन गुणा अधिक रास्ता तय करना पड़ता है। जिससे बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग व घुटनों के दर्द से ग्रसित अधिवक्ताओं समेत आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि न्यायिक परिसर वर्ष 1984 में बना था, तब से उक्त रास्ता आम रास्ता था। इस रास्ते में से अधिवक्ताओं एवं आम जनता का आवागमन हो रहा था। न्यायिक परिसर में अधिवक्ताओं व आम जनता के प्रवेश के लिए वर्तमान में दो ही मुख्य गेट हैं। एक न्यायिक परिसर का मुख्य गेट से व दूसरा अधिवक्ताओं के चैंबर्स का गेट है। दोनों गेट पर पुलिस के जवान तैनात रहते हैं।