मंडी अटेली। लोकसभा चुनाव में जहां बुजुर्गों व दिव्यांगों ने उत्साह दिखाया। पोलिंग बूथों पर व्हील चेयर के नहीं होने से दिव्यांगों को वोट डालने में काफी परेशानी रही। दिव्यांग बड़ी मुश्किल से ईवीएम तक पहुंच कर लोकतंत्र के लिए मतदान किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट खंड शिक्षा अधिकारी मदनलाल भाटिया ने खोड़, भोड़ी, तिगरा, गुजरवास, कटकई, कारिया, महासर, अटेली बूथों पर पहुंच कर वीवीपैट को चलाया। भोड़ी के मतदान केंद्र पर एजेंट देरी से पहुंचने के कारण वीवीपैट पर सील लगाने में देरी हुई। जिससे मतदान 40 मिनट देरी से शुरू हुआ। खोड़, तिगरा, गुजरवास, कटकई, महासर, कारिया में चुनाव समय पर शुरू कर दिया गया। सुबह सात बजे लोगों ने वोट डालने शुरू कर दिए। पहला वोट डालने के लिए भी लोगों में उत्साह देखा। सबसे पहला वोट डालने के चक्कर में खोड़ में छह बजे ही मतदाता पोलिंग बूथ पर पहुंच गये। पहला घंटे का मतदान आठ प्रतिशत रहा। दूसरा घंटे में मतदान 14 प्रतिशत तक पहुंच गया। 11 बजे तक मतदान 21 प्रतिशत हो चुका था। तीन बजे तक 55 प्रतिशत मतदान हो चुका था। अटेली के चार पोलिंग बूथ पर भी व्हील चेयर का प्रबंध नहीं था। जिससे दिव्यांगों को परेशानी हुई। गांव राता कला में बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर व पूर्व विधायक नरेश यादव ने अपना मत का प्रयोग किया। गांव गनियार के बूथ 178 पर 100 साल की बेस्ट मदर का राज्य अवार्ड प्राप्त कर चुकी उमरावली ने अपना वोट डाला। पहली बार मत डालने वाले युवा हरि किशन का कहना है कि उनको वोट डालने में बड़ी खुशी मिली। उन्हें खुशी है कि उनके वोट से देश की सरकार बनेगी।