नारनौल। शहर की सरकार का गठन हुए 10 माह हो चुके हैं जबकि उससे लगभग एक साल तक प्रशासनिक अधिकारियों के अधीन नगर परिषद थी। लगभग 22 माह से शहर के लोग विकास का इंतजार कर रहे हैं। 7 माह पहले हुई नगर परिषद हाउस की पहली बैठक के बाद शहर वासियों को काम होने की उम्मीद जगी थी लेकिन उम्मीद भी टूटती नजर आ रही है। 7 माह के दौरान केवल 20 लाख रुपये से 31 वार्डों में पैचवर्क का काम शुरू किया लेकिन वह भी कुछ ही वार्डों में शुरू हुआ।
नगर परिषद के खजाने में लगभग साढ़े 12 करोड़ रुपये का बजट पड़ा है लेकिन विकास के नाम पर यह राशि खर्च नहीं की जा रही है। शहर में गली, सड़कों, नाली, नाले, सीवरेज, सफाई इत्यादि को लेकर सभी 31 वार्डों से लगभग 450 प्रस्ताव पार्षदों की तरफ से दिए गए थे। इन सभी प्रस्तावों को पारित कर जिला नगर आयुक्त के पास भेजा गया था। जिला नगर आयुक्त द्वारा आगे उसे मंजूरी के लिए कमिश्नर के पास भेजा गया। कमिश्नर कार्यालय की तरफ से दो बार इस पर ऑब्जेक्शन लगाए गए। पहली बार अलग-अलग प्रस्ताव भेजने की बजाय एक जैसे प्रस्ताव को एक ही एस्टीमेट में बनाकर भेजने के निर्देश दिए गए जबकि दूसरी बार हर प्रस्ताव का बजट अनुसार प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। दोनों ही बार नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर भेजे गए लेकिन अब तक उसकी मंजूरी नहीं मिल सकी है।
सड़कें
शहर की कई मुख्य सड़कों की हालत काफी खराब है। इनमें गड्ढे हो चुके हैं, लेकिन पिछले 22 माह से इनकी रिपेयर तक नहीं हो रही है। परशुराम चौक से सिविल अस्पताल, नलापुर से बजाजा बाजार, मानक चौक से पुल बाजार तक, मोहल्ला राव का, खरखड़ी से सीआईए रोड, किला रोड की सड़कों की हालत खराब है। पिछले दो साल से यहां पैचवर्क तक नहीं हुआ।
गलियां
सभी 31 वार्डों में लगभग 100 से अधिक गलियों की हालत खराब है। कहीं गड्ढे हैं तो कहीं कच्ची मिट्टी है। शहर की सरकार बनने के बाद भी आज तक एक भी गली का काम शुरू नहीं हुआ।
पार्क
शहर में कई पार्क है जो नगर परिषद के अधीन हैं। इसमें नेताजी सुभाष पार्क, अग्रसेन चितवन वाटिका के अलावा मोहल्ला फलसा स्थित पार्क, मोहल्ला पुरानी मंडी स्थित राव तुलाराम पार्क, कर्मचारी कालोनी में दो पार्कों के अलावा हुडा के पार्क शामिल है। सुभाष पार्क की चाहरदीवारी टूट चुकी है। लाइटिंग की व्यवस्था भी नहीं है। यहां गंदगी फैली रहती है और सफाई तक नहीं होती है। इसी प्रकार अग्रसेन चितवन वाटिका में भी गंदगी बनी रहती है और यहां अवैध पार्किंग तक बन गई है।
स्ट्रीट लाइट
शहर में अधिकतर कालोनियों की स्ट्रीट लाइट खराब है। नई स्ट्रीट लाइट का बजट नहीं है। स्ट्रीट लाइट मेंटेनेंस का ठेका भी खत्म होने वाला है। ऐसे में रात होते ही कई कालोनियों की गलियां अंधेरे में डूट जाती हैं।
पुस्तक गली के पास मुख्य रोड एक साल से टूटी हुई है। 10 दिन पहले सीवर का काम किया तो पूरी रोड को तोड़ दिया गया। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसे दोबारा ठीक नहीं किया गया है।
-घनश्याम गर्ग, पुस्तक गली, मुख्य बाजार।
काफी समय से सैन चौक के पास सड़क खराब है। बरसात व नालों का गंदा पानी भर जाता है। इससे आवागमन बंद हो जाता है।
-मुकेश सेन, सैन चौक।
आजाद चौक से देवस्थान आते समय कई जगह सड़क टूटी पड़ी है। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। रात के समय गड्ढे में गिरने से लोग चोटिल तक हो जाते हैं।
-दीपू दमन, देवस्थान।
नगर परिषद की पहली बैठक के प्रस्ताव की मंजूरी के लिए फाइल कमिश्नर कार्यालय भेजी हुई है। अभी तक उसकी मंजूरी नहीं मिल सकी है। मंजूरी मिलते ही एस्टीमेट तैयार कर शहर में विकास के काम शुरू करवा दिए जाएंगे।
-सुंदर श्योराण, एक्सईएन, नगर परिषद, नारनौल।