बिहार के छपरा में जहरीला मिड-डे-मील खाने से दो दर्जन बच्चों की मौत की
घटना से हरियाणा प्रशासन ने कोई सबक नहीं सीखा। सोमवार को सुबह गांव
लोहागढ़ के मिडिल स्कूल के मिड-डे-मील में छिपकली मिली है।
भोजन बांटने से पहले इसके बारे में पता चल गया। जैसे ही यह जानकारी अभिभावकों को मिली उन्होंने स्कूल में जमकर हंगामा किया। एडीसी आईपी बिश्नोई और नायब तहसीलदार कमल सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
मिड-डे-मील की सप्लाई इस्कान नामक संस्था करती है। स्कूल के बच्चों को घटिया खाना देने के आरोप भी लगे हैं। गांव लोहागढ के मिडिल स्कूल में 500 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
सोमवार को दाल चावल के रूप में भोजन स्कूल में पहुंचा। दोपहर के समय जैसे ही बच्चों के बर्तनों में खाना डाला गया तभी अध्यापकों को उसमें मृत छिपकली दिखाई दी।
यह देखकर अध्यापकों ने इसका विरोध किया। बच्चों के भोजन में छिपकली मिलने की जानकारी जैसे ही मिली सैकड़ों अभिभावक भी स्कूल में पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। स्कूल के बच्चों का आरोप था कि मिड-डे-मील के रूप में अक्सर घटिया खाना दिया जाता है।
हो सकता था बड़ा हादसा
इस संबंध में स्कूल के मुख्य अध्यापक इंद्रराज सिंह का कहना था कि यदि उन्हें जानकारी नहीं मिलती तो स्कूल में जहरीला खाना खाने से कोई बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि स्कूल में करीब 500 विद्यार्थी हैं और सभी को खाना दिया जाना था।
भोजन बनाने वाले संचालकों के खिलाफ हो कार्रवाई
गांव लोहागढ़ के सरपंच चरण सिंह का कहना था कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे पंचायत की तरफ से प्रस्ताव पास कर जिला प्रशासन को देंगे। गांव लोहागढ़ और रौनीजा में दोपहर के भोजन की सप्लाई को बंद कराया जाएगा।