उपायुक्त डॉ. जे गणेसन ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में साइंस विषय के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के लिए प्रशासन द्वारा लैब-इन ए बॉक्स (लिब) नामक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। यह कार्यक्रम बंगलुरू की अगस्तय इंटरनेशनल फाउंडेशन के सहयोग से किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन द्वारा वीरवार को समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किए गए है। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त शिव प्रसाद शर्मा और अगस्तय इंटरनेशनल फाउंडेशन कंपनी की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर रंगानाथन ने हस्ताक्षर किए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा बीआरजीएफ योजना के तहत 50 लाख रुपये की लागत से जिला साइंस सेंटर का विस्तार किया जाएगा। इस विस्तार कार्यक्रम में डीआरडीए कांप्लेक्स में भवन बनाया जाना भी प्रस्तावित है। इसके साथ-साथ जिले के बच्चों में साइंस के प्रति रुझान पैदा करने के लिए अगस्तय इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा शुरूआती दौर में चार खंडाें ओढां, बड़ागुढ़ा, ऐलनाबाद और रानियां में लैब इन-ए बॉक्स कार्यक्रम शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को साइंस से संबंधित विभिन्न विषयों के 150 मॉडल दिखाए जाएंगे। अगस्तय फाउंडेशन से एक बार 200 बॉक्स मंगवाए जाएंगे। प्रत्येक खंड के स्कूलों में 50-50 बॉक्स उपलब्ध करवाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि एक-एक बॉक्स में कई प्रकार के साइंस उपकरण एवं मॉडल होंगे। इस तरह से दो-दो, तीन-तीन बॉक्स हर स्कूल में कम से कम दस-दस दिन तक रखे जाएंगे जिससे पांचवीं कक्षा से ऊपर की कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे इन्हें देखकर प्रयोग भी कर सकेंगे। ये मॉडल और उपकरण विभिन्न कक्षाओं के सिलेबस के अनुसार होंगे।
जिस स्कूल में विभिन्न प्रकार के पांच बॉक्स होंगे, 10 दिन के बाद वहीं बॉक्स दूसरे स्कूल में तथा दूसरे स्कूल वाले बॉक्स पहले वाले स्कूल में लाए जाएंगे। इस प्रकार से सभी मॉडल व उपकरणों को एक दूसरे स्कूल में रोटेट किया जाएगा। इन लैब-इन ए बॉक्स को जिले के सभी आरोही स्कूलों में भी दिखाया जाएगा।