संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केयू के दर्शनशास्त्र विभाग में आयोजित 21 दिवसीय योगाभ्यास एवं काउंसलिंग कार्यशाला का समापन मंगलवार को हुआ। दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. अनामिका गिरधर ने बताया कि प्रतिदिन योग, काउंसलिंग, अध्यात्म, साधना, चरित्र व आचरण की जानकारी के साथ आसनों, प्राणायामों, प्रत्याहार, धारणा व ध्यान के विविध प्रयोग करवाए गए।
उन्होंने बताया कि हठयोग के प्राणायामों, प्रत्याहार के अतंर्गत विभिन्न योग-प्रणालियों के अभ्यासों, धारणा के अंतर्गत अष्टांगयोग व तंत्रयोग की धारणाओं तथा ध्यान के अंतर्गत प्राचीन राजयोग तथा समकालीन भारतीय योगियों के ध्यान प्रयोगों के अभ्यास करवाए गए। कार्यशाला में मुख्य रूप से दर्शनशास्त्र विभाग के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
एमए दर्शनशास्त्र, डिप्लोमा इन योगा एंड अप्लाईड फिलॉसफी, सर्टिफिकेट कोर्स इन भगवद्गीता, सर्टिफिकेट कोर्स नैतिक एवं आध्यात्मिक परामर्श के छात्र-छात्राओं के अतिरिक्त अन्य विभागों के योगाभिलाषी छात्रों ने भी जानकारी ली। छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा अन्य क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों की शारीरिक, मानसिक, वैचारिक, आध्यात्मिक समस्याओं के योग के माध्यम से समाधान बताए गए । योगाभ्यास, सम्मोहन, मैसमैरिज्म, काउंसलिंग के क्षेत्र में व्याप्त विविध प्रकार के भ्रमों से भी प्रतिभागियों को विस्तार से अवगत करवाया गया।